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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 23, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बहू ने किया कमाल, गांव को कैशलेस बनाकर पेश की मिसाल

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Updated: Fri, 23 Dec 2016 07:27 PM (IST)

हरियाणा के जींद जिले के गांव में एक बहू ने वह कमाल कर दिखाया जो बड़ी संस्‍थाएं और सरकारी अमला नहीं कर पा रहा है। सुमन नामक इस युवती ने पूरे गांव को कैशलेस बना दिया है।

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जींद, [मोहन भारद्वाज]। हरियाणा के पिछड़े जिलों में शुमार जींद जिले में एक बहू ने वह कर दिखाया, जो नामी गिरामी संस्थाएं और सरकारी तंत्र भी अभी तक नहीं कर पाया। जींद के गांव गढ़ी में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) चलाने वाली सुमन ने जब ग्रामीणों को बैंक की लाइन में जूझते देखा तो संकल्प लिया कि वह गांव गढ़ी को कैशलेस बनाएगी। उसने अपने प्रयास से एक माह से भी कम समय में यह कमाल कर दिखाया।

सुमन पड़ोसी गांव उझाना की बहू की है, लेकिन गढ़ी में सीएससी चलाने के कारण वहां के लोगों को कैशलेस लेनदेन के लिए प्रोत्साहित करना उसके लिए ज्यादा सहज था। अपने संकल्प को पूरा करने के लिए सुमन ने दिसंबर के प्रथम सप्ताह में गढ़ी को कैशलेस बनाने की शुरूआत की।

उसने पहले तो ग्रामीणों को एंड्रायड फोन रखने के लिए प्रेरित किया। उसका प्रयास सार्थक रहा, आज हर घर में एंडयड फोन का इस्तेमाल हो रहा है। उसके बाद उसने लोगों से एप के जरिये लेनदेन का तरीका बताया। इसके लिए उन्हें प्रोत्साहित किया। गांव के दुकानदारों को प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनें रखने का अनुरोध किया।

सुमन ने के प्रयास से 1000 से अधिक बैंक खाते भी आधार से जुड़ गए। गांव के 26 दुकानदारों में तीन पीओएस, 12 पीएनबी यूपीआइ व 10 पेटीएम का प्रयोग कर रहे हैं। गांव कैशलेस हो गया तो सुमन ने प्रशासन को इसकी सूचना दी। जिला सूचना व तकनीकी विभाग ने सहमति के साथ जिला प्रशासन को भेज दिया है।

जिला सूचना एवं तकनीकी विभाग के प्रभारी एमजेडआर बदर ने बताया कि सुमन का कैशलेस गांव का दावा सही पाया गया है और गांव को कैशलेस घोषित किए जाने की संस्तुति के साथ फाइल जिला उपायुक्त को भेज दी गई है।

बीए पास है सुमन, सात महीने पहले अलॉट हुई थी सीएससी

बीए पास बहू सुमन को करीब सात माह पहले गढ़ी गांव की सीएससी अलॉट हुई थी। उसका मायका जींद के ही झांझ गांव में है। सुमन ने बताया, मेरी सोच को सभी ने मिलकर आगे बढ़ाया है। पति संदीप ने मुझे प्रेरित किया, तो ग्रामीणों ने हर कदम पर मेरा साथ दिया।

सुमन से प्रेरित एक बेटी भी सामने आई

सुमन से प्रेरणा लेकर जींद के ही गांव दनौदा कलां की बेटी वीना कुमारी भी गांव को कैशलेस बनाने की मुहिम में जुट गई है। बीटेक कर चुकी वीना का गांव हालांकि अभी तक पूरी तरह कैशलेस नहीं हो पाया है, लेकिन वह अब तक आठ हजार ट्रांजेक्शन करवा चुकी है। अभियान में उन्होंने खुद के गांव के साथ आसपास के गांवों को भी शामिल किया है।