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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 02, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जाट आरक्षण पर रोक जारी, हाई कोर्ट से नहीं मिली राहत

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Updated: Thu, 02 Jun 2016 04:00 PM (IST)

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने जाट आरक्षण पर राेक मामले में फिलहाल कोई राहत देने से इनकार कर दिया है। हरियाणा सरकार एवं जाट नेता हवा सिंह सांगवान ने यह रोक हटाने के लिए याचिकाएं दायर की हैं।

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चंडीगढ़ । पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने जाट आरक्षण पर लगी रोक के मामले में हरियाणा सरकार और जाट संगठनों को कोई राहत नहीं दी है। हाई कोर्ट ने इस जाट आरक्षण पर रोक के खिलाफ दायर अर्जी पर सुनवाई के दौरान इस मामले में कोई स्टे देने से इनकार कर दिया। अब इस मामले पर अगली सुनवाई 6 जून को होगी। मामले में हाई कोर्ट ने अर्जी पर प्रतिवादी पक्ष को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

इस मामले में हरियाणा सरकार और जाट नेता हवा सिंह सांगवान ने जाट और छह जातियों को आरक्षण देने पर लगाई गई रोक को हटाने के लिए याचिका दी है। सुनवाई में हरियाणा सरकार की तरफ सुप्रीम कोर्ट के वकील जगदीप धनखड़ पेश हुए।

अर्जी दाखिल करते हुए हरियाणा सरकार और हवा सिंह सांगवान ने कहा था कि हाई कोर्ट ने मुरारी लाल गुप्ता की याचिका पर हरियाणा सरकार द्वारा जाटों सहित छह जातियों को आरक्षण देने का लाभ देने पर रोक को गलत है।

हरियाणा सरकार और सांगवान ने कहा कि हाई कोर्ट ने इस रोक के फैसले से पूर्व हरियाणा सरकार और जाटों का पक्ष नहीं सुना है। जाट और सरकार दोनों इस मामले में प्रभावित हैं और ऐसे में उनका पक्ष सुने बगैर इस तरह को कोई निर्णय नहीं देना चाहिए। इससे हरियाणा में चल रही भर्तियों और दाखिलों पर प्रभाव पड़ रहा है।