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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 11, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

खटमल के काटने से भी हो सकता है एड्स, सर्वे में बोली महिलाएं

By Kamlesh BhattEdited By:
Updated: Sat, 11 Jun 2016 01:09 PM (IST)

एचआइवी एड्स पर किए गए सर्वे में कई चौकाने वाले खुलासे हुए हैं। कई महिलाओं में इसको लेकर भ्रांतियां हैं। उनका कहना है कि खटमल से भी एड्स हो सकता है।

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चंडीगढ़ (साजन शर्मा)। एचआइवी एड्स के प्रति भारत में महिलाओं में जागरूकता आई है, लेकिन अभी भी चार फीसद महिलाओं में एड्स के प्रति भ्रांतियां हैं। सर्वे में कुछ महिलाओं ने कहा कि खटमल के काटने से भी एड्स हो सकता है।

सर्वे के दौरान 90 प्रतिशत महिलाओं को एचआइवी एड्स के बारे पता था। हैरतंगेज बात यह थी कि चार प्रतिशत महिलाओं को एचआइवी-एड्स के बारे भ्रांतियां थी। उन्हें लगता था कि किसी संक्रमित व्यक्ति के पेशाब या शौच के संपर्क में आने से एड्स होता है। उनसे खाना साझा करेंगे या उन्हें चूमेंगे तो संक्रमण होगा।

करीब 11 प्रतिशत महिलाओं ने कहा कि एड्स गले मिलने, कपड़े शेयर करने, या मच्छर या खटमल इत्यादि के काटने से होता है। हालांकि 84 प्रतिशत महिलाओं ने कहा कि अपने पार्टनर के साथ ही सेक्स करके एड्स से बचा जा सकता है। दस में सात महिलाओं यानी 68.9 प्रतिशत महिलाओं ने कहा कि गर्भ में बच्चे के लिंग का पता लगाया जा सकता है।

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यह खुलासा ऑस्ट्रेलिया से वल्र्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन द्वारा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अलावा पंजाब इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर पॉपुलेशन साइंसेज (डीम्ड यूनिवर्सिटी) के साथ किए गए सर्वे में हुआ है।
15 से 24 साल की 73.8 प्रतिशत महिलाओं को पुरुषों की नसबंदी जबकि 93.4 प्रतिशत महिलाओं की नलबंदी के बारे पूरी तरह पता था। 85.1 प्रतिशत महिलाओं को गर्भनिरोधक गोलियों, 83.7 प्रतिशत को कंडोम या निरोध, जबकि 68.3 प्रतिशत को आइयूडी के बारे जानकारी थी। एक तिहाई महिलाओं को इमरजेंसी गर्भनिरोधक व इंजेक्शनों के बारे पता था।

कंडोम कहां से मिलता है पर तीन चौथाई महिलाओं ने बताया कि सरकारी डिस्पेंसरी या अस्पताल से कंडोम मिलता है, जबकि 57.7 प्रतिशत ने कहा कि प्राइवेट स्रोतों से कंडोम व पिल्स मिलती हैं। 32.2 प्रतिशत महिलाएं ऐसी थी, जिन्होंने अपने अभिभावकों से, 56.7 प्रतिशत ऐसी थी जिन्होंने भाई, बहन या ननद से जबकि 20.7 प्रतिशत ने टीचर या स्कूल कॉलेज में फैमिली प्लानिंग के मामले में चर्चा की। 46.3 प्रतिशत महिलाएं ऐसी थी, जिन्होंने आरटीआइ या एसटीआइ के बारे सुना था। इन्हें यह भी पता था कि यह सेक्सुअल इनफेक्शन अनसेफ डिलीवरी, अनसेफ अबॉर्शन और अनसेफ आइयूडी इंसर्ट करने से होता है।