यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 26, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
एक क्लिक पर डॉक्टर, राशन, पास, वित्तीय मदद सहित कई सुविधाएं, सरकार ने किया एप लांच
सरकार ने लोगों को घर बैठे सुविधाएं मुहैया कराने के लिए जनसहायक एप (Help me) लांच किया है। इस एप पर कई सुविधाएं मौजूद हैं।

जेएनएन, चंडीगढ़/नई दिल्ली। महामारी से जूझ रहे लोगों को अब मोबाइल पर एक बटन दबाते ही राशन, बना बनाया भोजन, डॉक्टर, पढ़ाई, कहीं पर आने-जाने के लिए पास, वित्तीय मदद सहित अन्य तमाम सुविधाएं तुरंत प्रभाव से उपलब्ध होंगी। अगर आप गरीबों की मदद करना चाहते हैं तो यह भी एप की मदद से संभव होगा। इसके लिए हरियाणा सरकार ने जनसहायक (Help me) एप लांच किया है।
आज से आप इस एप को डाउनलोड कर सकेंगे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हरियाणा आज कार्यक्रम के तहत डिजिटल मोड से लोगों से रूबरू होते हुए इसकी जानकारी दी। इस दौरान कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के प्रधान सचिव विजेंद्र सिंह और सीएम के अतिरिक्त प्रधान सचिव उमाशंकर ने भी एप की खूबियां गिनाई।
लॉकडाउन के दौरान प्रदेश के हर नागरिक को एक ही छत के नीचे सभी प्रकार की सुविधा देने के उद्देश्य से शुरू की गई 'जन सहायक' एप (Help Me) को आप सब कल से उपयोग कर सकेंगे। #IndiaFightsCoronahttps://t.co/WYNnxw3MJz" rel="nofollow pic.twitter.com/DE5gEiyywZ
— Manohar Lal (@mlkhattar) April 25, 2020
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बताया कि कोरोना रिलीफ फंड में दान करना हो या किसी परिवार के लिए राशन पहुंचाना हो या फिर खुद को वालंटियर के रूप में पंजीकृत करना हो, यह सब भी इस एप पर आसानी से किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि एप पर राशन के लिए आवेदन करने वाले लोगों को टोकन दिया जाएगा। वह राशन की दुकानों पर टोकन दिखा कर सामान ले सकेंगे। इस पर एंबुलेंस बुलाने की भी सुविधा होगी। पढ़ाई के लिए तमाम तरह का पाठ्यक्रम मिलेगा। सरकार द्वारा दी जाने वाली वित्तीय सहायता का स्टेटस भी आप इस पर देख सकते हैं। एप पर कैश ऑन डिलीवरी का भी विकल्प दिया गया है। डाक विभाग के कर्मचारी आप तक यह राशि पहुंचाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग अपना काम कर रहे हैं। किसानों के लिए हर प्रकार की व्यवस्था की गई है। सभी लोग गरीबों की मदद कर रहे हैं।
एप ऐसे करेगा काम
एप में हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं का विकल्प दिया गया है। एप डाउनलोड करने के लिए एंड्रॉयड फोन चाहिए। पंजीकरण के दौरान नाम और मोबाइल नंबर डालते ही वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) आएगा। फिर हिंदी या इंग्लिश भाषा चुनकर सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। जिस विभाग से जुड़ी सेवा होगी, उसी विभाग के अफसर के पास आवेदन पहुंच जाएगा। जीपीएस से आपकी लोकेशन पता चल जाएगी और निश्चित समय में सेवाओं की डिलीवरी आपके द्वार पर हो जाएगी।
अब गरीबी रेखा से ऊपर के लोगों को भी तीन महीने मुफ्त राशन
मुख्यमंत्री ने बताया कि गरीबी रेखा से ऊपर (एपीएल) कार्ड धारकों को भी 30 जून तक राशन की दुकानों से मुफ्त राशन मिलेगा। नए आदेश के बाद प्रदेश में करीब एक लाख 40 हजार हरे कार्ड वाले लोगों को मुफ्त राशन मिल सकेगा।
फरीदाबाद में कंट्रोल रूम की समस्याओं से आया एप का आइडिया
हरियाणा में आमजन को सरकारी सुविधाएं प्रदान करने वाली जनसहायक (हेल्प मी) एप का आइडिया लॉकडाउन के दौरान फरीदाबाद में बने कंट्रोल रूम की समस्याओं का निदान करते हुए आया। असल में फरीदाबाद के उपायुक्त यशपाल यादव ने लाॅकडाउन की शुरूआत में ही प्रशिक्षण पर आए दो हरियाणा सिविल सर्विस (HCS) के अधिकारी जयप्रकाश और देवेंद्र शर्मा सहित तहसीलदार निखिल को जिला कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी दी।
20 लाख की आबादी वाले फरीदाबाद शहर में इन अधिकारियों के लिए मोबाइल फोन पर शिकायत सुनना और उनका समाधान करवाने से लेकर रात में रिपोर्ट बनाना एक पहाड़ जैसा काम हो गया था। दोनों एचसीएस अधिकारी इंजीनियर थे और अपने एचसीएस में चयन से पहले निजी कंपनियों में काम कर चुके थे, इसलिए इन्होंने जिला उपायुक्त (डीसी) यशपाल यादव के आदेश पर फरीदाबाद जिला के लिए अपने पुराने साथियों भुवन रावल, अमन द्विवेदी के सहयोग से तीन दिन में जनसहायक एप तैयार करवा दी। इसके माध्यम से जिस काम में घंटों लगते थे वह काम अब मिनटों में होने लगा था।
एप की चर्चा जब डीसी यशपाल ने सीएम मनोहर लाल के समक्ष वीडियो कांफ्रेंस में की तो उन्होंने इसे हरियाणा स्तर पर बनाने का आदेश दिया। बस फिर क्या था मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा, प्रधान सचिव विजयेंद्र कुमार सहित आइएएस अधिकारी प्रदीप दहिया सहित राष्ट्रीय सूचना केंद्र के दीपक बंसल, हरीश भाटिया, जीतेंद्र कुमार ने हरियाणा की तमाम सरकारी सुविधाओं को इस एक एप में जोड़ने के लिए आंकड़े दिए और अगले तीन दिन में ही यह नई एप शुरू हो गई। खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रशिक्षु एचसीएस अधिकारियों,उनके सहयोगियों सहित आइएएस अधिकारी यशपाल यादव, विजयेंद्र कुमार और प्रदीप दहिया का आभार जताया है।
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