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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 27, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जाटों को राहत नहीं, हाईकोर्ट में फिर टली सुनवाई

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Updated: Sat, 27 Aug 2016 03:46 PM (IST)

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चल रहे आरक्षण मामले में आज फिर सुनवाई टल गई। अब अगली सुनवाई 7 सितंबर को होगी।

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जागरण संवाददाता चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चल रहे आरक्षण मामले में आज जाट समेत 6 जातियों को कोई राहत नहीं मिली है। मामले में अब अगली सुनवाई 7 सितंबर को होगी। गौरतलब हो कि हरियाणा सरकार हाईकोर्ट में ओबीसी को लेकर क्रीमीलेयर अधिसूचना सौंप चुकी है। कोर्ट ने नोटिफिकेश को रिकार्ड पर लेकर जाटों के आरक्षण पर रोक बरकरार रखते हुए शनिवार केे लिए सुनवाई तय की थी। लेकिन आज फिर जाटों को कोई राहत नहीं मिली।

हरियाणा सरकार ने ओबीसी वर्ग के उन लोगों साधन संपन्न (क्रीमीलेयर) की श्रेणी में रखा है, जिनकी वार्षिक आय छह लाख रुपये से अधिक है। ऐसे लोगों को राज्य सरकार द्वारा पिछड़े वर्ग को दिए दस फीसदी आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा।

पढ़ें : जाट आरक्षण मामले में हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट में सौंपी क्रीमीलेयर नोटिफिकेशन

ऐसे मिलेगा ओबीसी आरक्षण का लाभ

सबसे पहले 3 लाख रुपये तक की सकल वार्षिक आय वाले व्यक्तियों के बच्चे सेवाओं तथा शैक्षणिक संस्थाओं में दाखिले में आरक्षण का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। इसके बाद रह गए कोटे का लाभ पिछड़े वर्गों के उस वर्ग को दिया जाएगा, जिसकी आय प्रति वर्ष 3 लाख रुपये से अधिक और 6 लाख रुपये से कम है।

हर साल 6 लाख रुपये से अधिक कमाने वाले पिछड़े वर्गों के लोगों को क्रीमीलेयर की श्रेणी में रखा गया है और उनके बच्चों को अधिनियम की धारा 5 के तहत आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा। इस नोटिफिकेशन को रिकार्ड पर लेकर हाईकोर्ट ने सुनवाई को शनिवार तक टाल दिया है।

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