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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 11, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आइएएस अशोक खेमका ने अब आधार कार्ड प्रणाली पर उठाए सवाल

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Updated: Mon, 11 Apr 2016 07:03 PM (IST)

हरियाणा के चर्चित अाइएएस अधिकारी अशोक खेमका ने अब केंद्र सरकार की अाधार कार्ड योजना पर सवाल उठाया है। उन्‍होंने ट्विट कर आधार कार्ड की कमियाें की ओर इंगित करते हुए कहा है कि यह किसी व्‍यक्ति की मूल पहचान नहीं हाे सकता।

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चंडीगढ़। हरियाणा के वरिष्ठ आइएएस अधिकारी डा. अशोक खेमका ने अब केंद्र सरकार की योजनाआें पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। इसके लिए उन्होेंने पहले की तरह ट्विटर का सहारा लिया है। उन्हाेंने ट्विट कर अब आधार कार्ड सिस्टम पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा है कि आधार महज नंबर है ओर यह किसी व्यक्ति की पुख्ता पहचान नहीं हो सकता।

खेमका के इस ट्विट से राजनीतिक हलकों में भी सुगबुगाहट शुरू हो गई है। खेमका ने ट्विट में लिखा है कि आधार अन्य प्राथमिक पहचान से बना पहचान है। अतएव, यह किसी की मूल पहचान कैसे हो सकता है।

खेमका ने इसे लोगों के लिए आवश्यक बनाने पर सवाल उठाते हुए कहा है कि आधार यह सुनिश्चित करता है कि इसका धारक भारतीय नागरिक है और वर्तमान में यहां का निवासी है। इसमें अन्य बायोमैट्रिक आधारित प्रणालियों की तरह कमी है अाैर नकल बनाए जाने से 100 फीसदी सुरक्षित नहीं है। ऐसे में इससे गड़बड़ी अौर भ्रष्टाचार कैसे रोका जा सकता है।

ट्विट में उन्होंने कहा है कि आधार की संकल्पना आइटी प्रोफेशनलों से आया है। उनकी सोच स्वाभाविक भी है क्योंकि उन्हें लोगों से डेटाबेस आधारित संबंध बनाने के लिए यूनिक नंबरों की जरूरत होती है। इस वजह से यह प्रणाली विकसित की गई।

उल्लेखनीय है कि सभी सरकारी कार्यों व योजनाओं में पहचान के तौर पर अनिवार्य कर दिया गया है। इस संबंध में संसद में भी प्रस्ताव पारित हो चुका है। ऐसे में खेमका की टिप्पणी को बेहद गंभीर माना जा रहा है। इससे पहले भी खेमका केंद्र सरकार की 'उदय' बिजली स्कीम पर सवाल उठा चुके हैं।

हरियाणा में 94 फीसदी लोगों के आधार कार्ड बन चुके हैं और सामाजिक पेंशन सहित सभी योजनाआें में इसे अनिवार्य कर दिया गया है। इसकी वजह योजनाओं में भ्रष्टाचार को बताया गया था। खासकर सामाजिक पेंशन के लिए इसे अनिवार्य करने के बाद राज्य में लोगों में अफरातफरी मच गई थी।

खेमका पिछले काफी समय ये एक के बाद 'ट्विट बम' दागते रहे हैं। हाल में उन्होंने एक के बाद एक ट्विट दाग कर सरकार के लिए सिरदर्द पैदा किया है। कुछ माह पहले उनको प्रधान सचिव के पद पर पदोन्नति देने के बाद उनको नया विभाग दिया गया है। पदोन्नति मिलने के बाद उसके अनुरूप कार्यभार नहीं दिए जाने के बाद उन्होंने एक के बाद एक ट्विट किए।

खेमका ने इस संबंध में तीन ट्विट किए हैं। ये

-Concept of Aadhaar no. comes naturally to IT professionals because unique numbers are reqd for building relational databases of citizens

Apr 10 Chandigarh, India

Aadhaar does not ensure holder is citizen or current resident. No biometrics based deduplication is 100% accurate. There is an error.

3. Apr 10 Chandigarh, India

Aadhaar is just a number. It is not the primary identity. Aadhaar identity is derived from another primary identification.