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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 14, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हरियाणा में संशोधित मानदंडों से दिया जाएगा ओबीसी आरक्षण

By Kamlesh BhattEdited By:
Updated: Wed, 15 Jun 2016 10:38 AM (IST)

सामाजिक रूप से उन्नत लोगों को अन्य पिछड़ा वर्गों (ओबीसी) के आरक्षण दायरे से बाहर निकालने की हिदायतें जारी

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राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने सामाजिक रूप से उन्नत लोगों को अन्य पिछड़ा वर्गों (ओबीसी) के आरक्षण दायरे से बाहर निकालने की हिदायतें जारी की हैैं। हरियाणा सरकार ने अपने अधिकारियों को केंद्र सरकार द्वारा पूर्व निर्धारित संशोधित आयकर मानदंडों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। आरक्षण का लाभ हासिल करने की आय सीमा 4.5 लाख रुपये से बढ़कर 6 लाख रुपये वार्षिक हो गई है।

क्रीमी लेयर पर नहीं लागू होता आरक्षण
केंद्र सरकार ने 27 मई 2013 और 31 मई 2013 को जारी पत्रों के माध्यम से अधिसूचित किया था कि केंद्र के शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश तथा केंद्र सरकार के तहत सिविल पदों/नौकरियों में आरक्षण हेतु ओबीसी में 'क्रीमी लेयर' दर्जे के निर्धारण हेतु आय सीमा 4.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 6 लाख रुपये वार्षिक की गई है।

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इस आशय का एक पत्र सभी विभागाध्यक्षों, रोहतक, गुडग़ांव, हिसार और अंबाला के मंडलायुक्तों, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार, सभी उपायुक्तों, बोर्ड, निगमों और सार्वजनिक उपक्रमों के प्रबंध निदेशकों तथा मुख्य प्रशासकों, विश्वविद्यालयों के उप कुलपति व कुलसचिवों को भेजा गया है। उन्हें इन आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।