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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 19, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

निजी स्कूल की मान्यता लेना महंगा, सरकार ने 6 गुना की धरोहर राशि

By Test1 Test1Edited By:
Updated: Mon, 20 Jun 2016 01:23 PM (IST)

हरियाणा में अब स्कूल की मान्यता लेना महंगा हो गया है। शिक्षा विभाग ने स्कूलों के लिए धरोहर राशि छह गुणा गुणा बढ़ा दी है।

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राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में अब स्कूल की मान्यता लेना महंगा हो गया है। शिक्षा विभाग ने स्कूलों के लिए प्लेजमनी (धरोहर राशि) छह गुणा गुणा बढ़ा दी है। नए नियमों के अनुसार यदि किसी स्कूल से पांचवीं, आठवीं या फिर 10वीं तक मान्यता लेनी है तो उसके लिए जितना भी स्टाफ स्कूल रखता है, उसकी प्रतिमाह कुल तनख्वाह का 6 गुणा जमा कराना होगा।

धरोहर राशि बढ़ने से अटकी फाइल्स

फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने कहा कि प्लेजमनी बढ़ाने से स्कूलों की मान्यता संबंधी फाइलें लटक गई हैं। शर्मा ने शिक्षा विभाग के निदेशक को पत्र लिखकर प्लेजमनी बढ़ाने के फैसले को वापस लेने का आग्रह किया है।

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क्या होती है धरोहर राशि ?

प्लेजमनी एक तरह से धरोहर राशि है, जिसका इस्तेमाल स्कूल संचालक और शिक्षकों के बीच किसी तरह का विवाद होने, स्कूल बंद हो जाने की स्थिति में शिक्षकों व स्टाफ के वेतन का भुगतान करने, रिटायरमेंट के बाद स्कूल द्वारा लाभ नहीं दिए जाने की स्थिति में सरकार द्वारा भुगतान करने समेत अन्य मदों में किया जाता है। यह राशि मान्यता लेने के लिए आवेदन करते वक्त विभाग को जमा करवाई जाती है।