यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 23, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पंचायती नल से पानी भरा तो दबंगों ने दलित महिला को पीटा
21वीं सदी मे भी हरियाणा अभी तक जात-पात के भेदभाव से उभरा नहीं है। यहां यमुनानगर में दबंगों ने एक दलित महिला को इसीलिए पीटा क्योंकि वह सार्वजनिक नल से पानी भर रही थी।

जागरण संवाददाता, यमुनानगर। 21वीं सदी मे भी हरियाणा अभी तक जात-पात के भेदभाव से उभरा नहीं है। आरोप है कि यमुनानगर जिले के खजूरी गांव में कुछ लोगों ने अनुसूचित जाति की एक महिला को पंचायती नल से पानी भरने से रोक दिया। महिला का कहना है कि उसने इसका विरोध किया तो दबंगोंं ने उसके साथ मारपीट की और जातिसूचक शब्द भी कहे। इस संबंध में महिला की शिकायत पर जठलाना थाने में पांच लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई है।
पीडि़त महिला शीला के मुताबिक गांव में पंचायती नल लगे हुए हैं। 21 अगस्त को गांव में लगे पंचायती नल से पीने का पानी भरने के लिए गई थी। इस दौरान गांव के ही रणजीत, रजत, अनुज, बिट्टू, जसबीर ने उसे पंचायती नल से पानी भरने से रोक दिया। जब उसने नल से पानी भरना चाहा तो उक्त लोगों ने उसे पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। उसके बर्तन भी उठाकर दूर फेंक दिए। महिला का आरोप है कि इस दौरान उन लोगों ने उसको जातिसूचक शब्द भी कहे।
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पंचायत बुलाई है : सरपंच
सरपंच रनदीप सिंह का कहना है कि जिस नल से महिला को पानी भरने से रोकने की बात कही जा रही है, वह पंचायती है, इसका पता झगड़े के बाद ही पता चला है। पहले इस नल को अभियुक्तों का ही लोग समझते थे। इस मामले को पंचायत अपने स्तर पर ही सुलझाने का प्रयास कर रही है। इस बारे में गांव में पंचायत भी बुलाई है।
केस दर्ज कर लिया गया : एसएचओ
थाना जठलाना के एसएचओ राकेश का कहना है कि महिला ने पंचायती नलके से पानी नहीं भरने देने, मारपीट व जातिसूचक शब्द कहे जाने की शिकायत दी है। इस मामले को पुलिस गंभीरता से ले रही है और अभियुक्तों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।

