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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 02, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यमुना का जलस्तर बढ़ा, गांवों में अलर्ट

By Test1 Test1Edited By:
Updated: Sun, 03 Jul 2016 11:34 AM (IST)

पहाड़ों में लगातार और भारी बारिश होने के कारण शनिवार को यमुना नदी का जलस्तर भी बढऩे लगा है। प्रशासन ने यमुना के साथ लगते गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है।

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जागरण संवाददाता, यमुनानगर। पहाड़ों में भारी बारिश होने के कारण शनिवार को यमुना नदी का जलस्तर भी बढऩे लगा है। जलस्तर बढऩे से प्रशासन ने यमुना के साथ लगते गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है। शनिवार को दोपहर तीन बजे हथनीकुंड बैराज पर यमुना का जलस्तर 11854 क्यूसेक दर्ज किया गया, जबकि सुबह छह बजे पानी महज 3800 क्यूसेक था। अभी पानी के और बढ़ने उम्मीद है, क्योंकि पहाड़ों और यमुना के कैचमेंट एरिया में बारिश जारी है।

शुक्रवार सुबह से ही यमुना में पानी का बढऩा लगातार जारी है। नौ बजे पानी 8052 क्यूसिक पर पहुंच गया था, लेकिन इसके बाद पानी घटना शुरू हो गया। 12 बजे तक पानी का घटना लगातार जारी रहा। 10 बजे पानी 5926 क्यूसेक, 11 और 12 बजे 3800 क्यूसेक दर्ज किया गया।

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इसके बाद पानी में बढ़ोतरी दर्ज हुई। दोपहर एक बजे पानी 8052 क्यूसेक दर्ज किया गया। लेकिन तीन बजे पानी का लेवल 11854 क्यूसिक पर पहुंच गया। हथनीकुंड बैराज से यमुना में 352 क्यूसेक, पश्चिमी यमुना नहर में 8002 क्यूसेक और उत्तर प्रदेश जा रही ईस्ट यमुना कैनाल में 3500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।

हर पल रखी जा रही नजर

प्रशासन यमुना नदी में आ रहे पानी पर हर घंटे नजर रख रहा है। इसके लिए कंट्रोल रूम बनाकर कर्मचारियों की स्पेशल ड्यूटी लगाई गई है। पानी के हर घंटे की रिपोर्ट चंडीगढ़ मुख्यालय भेजी जा रही है। हालांकि 11854 क्यूसेक पानी से कोई खतरे की बात नहीं है। यदि बरसात जारी रही और हथनीकुंड बैराज पर पानी का जलस्तर 70 हजार क्यूसेक पर पहुंचता है, तो निचले इलाकों में रेड अलर्ट जारी कर दिया जाता है।

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बारिश से रुके बाढ़ बचाव कार्य

बाढ़ रोकने के लिए यमुना नदी के किनारे जो राहत कार्य किए जा रहे थे, वे भी बरसात के कारण रुक गए हैं। बता दें कि प्रशासन के इंतजामों की पोल दैनिक जागरण पहले ही खोल चुका है।

अधिकारियों का दावा था कि एक सप्ताह में सभी कार्यों को पूरा कर लिया जाएगा, लेकिन शुक्रवार रात से जिस तरह बरसात हुई इसे देखकर नहीं लगता की ये कार्य समय पर पूरे हो सकेंगे।

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