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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 02, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    डिब्बा बंद खाने से दिल को खतरा

    By Rahul SharmaEdited By:
    Updated: Sat, 02 Jul 2016 09:35 AM (IST)

    शोध के मुताबिक डिब्बा बंद खाद्य पदार्थ गंभीर बीमारियों को न्योता देते हैं। नियमित रूप से ऐसे पदार्थों के सेवन से डायबिटीज, दिल की बीमारी और अन्य समस्य ...और पढ़ें

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    न्यूयॉर्क, प्रेट। सेहत के लिहाज से लोग आमतौर पर डिब्बा बंद खाद्य पदार्थों को वरीयता देते हैं। लेकिन, अमेरिकी शोधकर्ताओं के ताजा अध्ययन में इसके उलट परिणाम सामने आए हैं। शोध के मुताबिक डिब्बा बंद खाद्य पदार्थ गंभीर बीमारियों को न्योता देते हैं। नियमित रूप से ऐसे पदार्थों के सेवन से डायबिटीज, दिल की बीमारी और अन्य समस्याएं हो सकती हैं।

    स्टैनफर्ड विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों के मुताबिक डिब्बे के भीतर रेजिन की परत चढ़ाई जाती है। इसमें हार्मोन के स्नाव को प्रभावित करने वाला बिस्फेनॉल ए (बीपीए) नामक रासायन रहता है। अलग-अलग खाद्य पदार्थों के डिब्बों में बीपीए की मिलावट का स्तर भी भिन्न रहता है। खासकर डिब्बा बंद सूप, पास्ता, सब्जी और फलों में बीपीए की मिलावट ज्यादा रहती है। पेशाब जांच के जरिये इसकी मौजूदगी का पता लगाया जाता है।

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