यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 24, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
तनाव से पीड़ित लोगों को जल्दी आता है बुढ़ापा !
एक नए शोध में यह बात सामने आई है कि पीटीएसडी कई मानसिक विकारों जैसे गंभीर अवसाद, गुस्सा, अनिद्रा, खान-पान संबंधी रोगों तथा मादक द्रव्यों के सेवन से जु ...और पढ़ें

अगर आप मानसिक बीमारी पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसॉर्डर (पीटीएसडी) से पीड़ित है तो आपके ऊपर समय से पहले बूढ़ा होने का खतरा मंडरा रहा है। एक नए शोध में यह बात सामने आई है कि पीटीएसडी कई मानसिक विकारों जैसे गंभीर अवसाद, गुस्सा, अनिद्रा, खान-पान संबंधी रोगों तथा मादक द्रव्यों के सेवन से जुड़ी व्याधि है।
सैन डिएगो स्थित युनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया में साइकेट्री के प्रो. दिलीप वी. जेस्ते के मुताबिक समय से पहले बुढ़ापा आने के संबंध में पीटीएसडी को लेकर अपने तरह का यह पहला अध्ययन है। जेस्ते व उनके साथियों ने पीटीएसडी में समय से पूर्व बुढ़ापे पर प्रकाशित प्रासंगिक अनुभवजन्य अध्ययनों की व्यापक समीक्षा की।
साइकेट्री के प्रोफेसर व पहले लेखक जेम्स बी. लोहर ने कहा कि निष्कर्ष में यह बात बिल्कुल जाहिर नहीं होती कि समय से पूर्व बुढ़ापे के लिए पीटीएसडी ही जिम्मेदार है, लेकिन यह दलील पेश करता है कि पीटीएसडी पर फिर से विचार करने की जरूरत है, क्योंकि यह मानसिक बीमारी से कुछ अधिक है। यह अध्ययन पत्रिका 'अमेरिकन जर्नल ऑफ जेरिएट्रिक साइकेट्री' में प्रकाशित हुआ है।