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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 14, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    डायबिटीज रोगियों को कैंसर का खतरा अधिक

    By Babita kashyapEdited By:
    Updated: Thu, 14 Jul 2016 02:18 PM (IST)

    टाइप-2 डायबिटीज का पता चलने के महज तीन महीने के अंदर कैंसर होने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। ...और पढ़ें

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    टोरंटो, एजेंसी। डायबिटीज से पीडि़त रोगी कई अन्य बीमारियों का भी शिकार हो जाते हैं। ऐसे रोगियों में इस बीमारी का पता चलने से पहले या कुछ समय बाद ही कैंसर की चपेट में आने की आशंका ज्यादा रहती है। यह निष्कर्ष नए शोध में निकलकर सामने आया है।

    शोधकर्ताओं के अनुसार, किसी रोगी में टाइप-2 डायबिटीज का पता चलने के महज तीन महीने के अंदर कैंसर होने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। हालांकि इस अवधि के बाद इसकी आशंका कम हो जाती है। कनाडा की टोरंटो यूनिवर्सिटी की सहायक प्रोफेसर इलियाना लेगा ने बताया, 'डायबिटीज का पता चलने के बाद ज्यादा देखभाल और स्क्रीनिंग टेस्ट से यह आशंका कम हो सकती है।'

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    पहले के भी कई शोध में यह बात निकलकर आई कि टाइप-2 डायबिटीज पीड़ि़तों को कई तरह के कैंसर हो सकते हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि जीवनशैली में बदलाव कर डायबिटीज को रोका जा सकता है। इसी तरह सही आहार और व्यायाम से कैंसर के खतरे को कम किया किया जा सकता है। शोध का प्रकाशन जर्नल कैंसर में किया गया है।

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