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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 21, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    हड़ताल वापस लें शोंगटोंग परियोजना के मजदूर

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    Updated: Wed, 21 Sep 2016 01:00 AM (GMT+05:30)

    जागरण संवाददाता, शिमला : प्रदेश हाईकोर्ट ने हिमाचल पॉवर कॉर्पोरेशन की शोंगटोंग परियोजना में कार्यरत ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, शिमला : प्रदेश हाईकोर्ट ने हिमाचल पॉवर कॉर्पोरेशन की शोंगटोंग परियोजना में कार्यरत मजदूरों को आदेश दिए हैं कि वे हड़ताल वापस लें। कोर्ट ने परियोजना प्रशासन को भी आदेश दिए कि वह श्रम कानूनों का अक्षरश: पालन करे।

    मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर व न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने शोंगटोंग परियोजना से मजदूरी की माग वाली याचिका को निपटाते हुए यह आदेश पारित किए। शोंगटोंग करछम पनविद्युत परियोजना में काम करने वाले मजदूरों की यूनियन ने हाईकोर्ट से गुहार लगाई थी कि कॉर्पोरेशन से उनका साढ़े तीन महीने का वेतन दिलवाया जाए। उनका कहना था कि कॉर्पोरेशन ने निर्माण गतिविधियों का काम पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड को दिया जिसने वही काम आगे अन्य ठेकेदारों को बांट दिया। प्रार्थियों का आरोप था कि कॉर्पोरेशन सहित सभी ठेकेदार श्रम कानूनों की धज्जिया उड़ा रहे हैं। मामला तब भड़का जब उन्हें दिसंबर 2015 से फरवरी 2016 तक का वेतन नहीं दिया गया। जब उन्होंने वेतन की माग की तो उन्हें कॉर्पोरेशन ने कोरा आश्वासन दिया जिस कारण उन्हें हड़ताल पर जाना पड़ा। हड़ताल पर गए तो डीसी किन्नौर ने इलाके में धारा 144 लागू कर दी। वे अपनी जायज मागों के लिए अपनी आवाज भी उठा नहीं पा रहे थे। प्रार्थी यूनियन ने वेतन दिलाने के अलावा क्षेत्र से धारा 144 हटाने की गुहार भी लगाई थी।