यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 18, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सभी राज्यों में एक साथ लागू हो सातवां वेतन आयोग
जागरण संवाददाता, जम्मू : नेशनल मजदूर कांफ्रेंस के प्रधान सुभाष शास्त्री ने कहा कि केंद्र सरकार कभी भ

जागरण संवाददाता, जम्मू : नेशनल मजदूर कांफ्रेंस के प्रधान सुभाष शास्त्री ने कहा कि केंद्र सरकार कभी भी सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की घोषणा कर सकती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आह्वान किया है कि वह सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से भी आयोग को लागू करने के लिए कहें, ताकि कर्मचारियों को परेशानी न हो। यदि इसमें फंड की बाधा बनती है तो वह इस संबंध में विचार-विमर्श कर इसके तुरंत लागू करने की व्यवस्था करवाएं।
शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शास्त्री ने कहा कि बड़े अफसोस की बात है कि राज्य कर्मचारियों को उनका हक आंदोलन के मार्ग पर बिना चले नहीं मिलता। इससे जहां कामकाज प्रभावित होता है, वहीं समय की भी बर्बादी होती है। ऐसे में सरकार को चाहिए कि वह पहले से ही व्यवस्था में जुट जाए। उन्होंने कहा कि यह कर्मचारियों का हक है और केंद्र सरकार की तर्ज पर उन्हें समय पर लागू करना राज्य सरकार का भी दायित्व बनता है। यदि इसमें फंड्स की कमी की दिक्कत है तो इसके लिए सरकार केंद्र की सहायता ले।
इस दौरान शास्त्री ने राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत 61 हजार अस्थायी कर्मियों की स्थायी नियुक्ति पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि बीस वर्षो से भी अधिक समय से विभाग में काम कर रहे इन कर्मियों को स्थायी करना सरकार का दायित्व बनता है। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने चुनावों से पूर्व इन कर्मियों से जो वायदे किए थे उन्हें पूरा किया जाना चाहिए।
इस दौरान उन्होंने डीए पर कर छूट की मांग भी उठाई। उन्होंने अफसोस जाहिर किया कि महंगाई से राहत प्रदान करने के लिए कर्मियों को डीए जारी किया जाता है, उस पर भी सरकार कर लगा रही है। इस दौरान अस्थायी कर्मियों का बकाया वेतन जारी करने, वेतन विसंगतियों को दूर करने, मेडिकल एलाउंस को बढ़ाने के लिए भी कहा। संवाददाता सम्मेलन में राजन बाबू, बीएस जम्वाल, सुनील कोचड़, सतेंद्र कुमार सहित अन्य उपस्थित थे।

