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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 29, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

झारखंड में कम हुआ भ्रष्टाचार, बिहार से बेहतर हालात

By Sachin MishraEdited By:
Updated: Sat, 29 Apr 2017 03:44 PM (IST)

सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज (सीएमएस) की रिपोर्ट में सबसे कम करप्ट राज्यों की सूची में झारखंड 10 वें स्थान पर है।

झारखंड में कम हुआ भ्रष्टाचार, बिहार से बेहतर हालात
झारखंड में कम हुआ भ्रष्टाचार, बिहार से बेहतर हालात

जागरण संवाददाता, धनबाद। करप्शन के मामले में झारखंड सरकार के लिए राहत भरी खबर है। सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज (सीएमएस) ने देश के 20 राज्यों में करप्शन की स्थिति पर रिपोर्ट जारी की है। उस रिपोर्ट के अनुसार राज्य में पिछले वर्षो के दौरान करप्शन में 50 फीसद की कमी आई। 2005 में राज्य के 48 फीसद लोगों ने माना था कि वे करप्शन से पीड़ित थे। जारी वर्ष में अब तक यह आकड़ा गिरकर 24 फीसद रह गया। सबसे कम करप्ट राज्यों की सूची में झारखंड 2005 के मुकाबले एक सीढ़ी ऊपर चढ़ गया है। वर्ष पहले इस सूची में 11वें पायदान पर था। लेकिन, अब यह 10 वें स्थान पर है।

सीएमएस ने यह रिपोर्ट बीते 26 अप्रैल को नीति आयोग के सदस्यों की मौजूदगी में जारी की। सीएमएस की ओर से भ्रष्टाचार के देशव्यापी स्तर को जानने के लिए 20 प्रदेशों में सर्वे किया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि लोग मानते हैं कि राज्य सरकारों के मुकाबले केंद्र सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ अधिक सख्त है। 1 राज्य के 31 फीसद लोगों ने माना कि पिछले महीनों के दौरान केंद्र सरकार ने करप्शन को रोकने के लिए सख्त कदम उठाया। जबकि, 53 फीसद लोगों ने माना कि सीमित कार्रवाई की गई।

राज्य सरकार के मामले में 30 फीसद लोगों ने माना कि वे करप्शन को रोकने के लिए सरकार ने बेहतर काम किया। हालांकि, 40 फीसद लोगों ने कार्रवाई को सीमित बताया।


बिहार से बेहतर हालात

रिपोर्ट में झारखंड को बिहार से बेहतर बताया गया है। झारखंड में 24 फीसद लोगों ने खुद को करप्शन से पीड़ित बताया तो बिहार में यह आंकड़ा 26 फीसद है।

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इस सर्वे में 20 राज्यों के शहरी और ग्रामीण परिवेश के 3000 परिवारों को शामिल किया गया। झारखंड में 150 परिवारों को सर्वे में शामिल किया गया था। यह सर्वे राज्य के दो जिले रांची और खूंटी में किया गया।

-आलोक श्रीवास्तव, सदस्य, सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज

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