यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 14, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नक्सलियों के चंगुल से भागी लड़की ने सुनाई दर्द भरी कहानी
कुख्यात नक्सली नकुल एक नाबालिग लड़की को अपने साथ ले गया और दस्ता के अधेड़ से उसकी शादी करा दी थी।

गुमला, जेएनएन। कुख्यात नक्सली नकुल यादव के सरेंडर के बाद ग्रामीणों में आस जगने लगी है। इनसे प्रताड़ित एक नाबालिग लड़की एक दुधमुंहे बच्चे समेत भागकर थाने पहुंची है। उसके मुताबिक, नकुल यादव उसे ले गया था और दस्ता के अधेड़ अनिल उरांव संग कर उसकी शादी करा दी थी।
वह कुछ माह पूर्व भागकर घर पहुंची थी एवं एक बच्चे को जन्म दिया। नकुल व मदन के आत्मसर्पण के बाद हिम्मत जुटाकर वह थाने पहुंची। पुलिस उसका इलाज करवा रही है। इसके बाद उसे बाल कल्याण समिति के हवाले किया जाएगा।
बोरहा गांव की एक नाबालिक लड़की ने आज सुबह बिशनपुर थाना में आकर आप बीती सुनाई, जो रोंगटे खड़े कर देने वाली है। उसने पुलिस को बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पूर्व गांव में मीटिंग कर नकुल यादव ने तमाम गांव के लोगों से बच्चे देने की मांग की थी।
बच्चे नहीं देने पर लोगों को जान मारने की धमकी दी गई थी। जिस कारण कई लोगों ने अपना बच्चा दे दिया। उसी में गांव की एक नाबालिक लड़की भी शामिल थी। माओवादी उसे अपने साथ ले गए और वहां उससे 3 गुने अधिक उम्र के 45 वर्षीय लोहरदगा निवासी अनिल उरांव के साथ जबरन उसकी शादी करा दी।
उसने बताया कि अन्य छोटी बच्चियों के साथ दूसरे माओवादी सदस्य जबरदस्ती दुष्कर्म करते थे। पीड़िता ने बताया कि शादी के बाद उसका पति जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाने लगा, जिससे वह गर्भवती हो गई। डेढ़ माह पूर्व उसके एक बेटा भी हुआ है, जिसे जन्म देने के लिए वह संगठन से भागकर अपने घर में आ गई। जैसे ही पता चला कि नकुल व मदन ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया, बिशुनपुर थाने में आकर उसने आपबीती बताई।
थाना प्रभारी मुनीलाल लाल राणा के मुताबिक, जच्चा व बच्चे का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिशनपुर भी कराया जा रहा है जिसके बाद उसे सीडब्ल्यूसी में भेज दिया जाएगा।
यह भी पढ़ेंः फेसबुक पर दोस्ती कर महिला से किया दुष्कर्म, 20 लाख रुपये भी ठगे

