विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 05, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ईपीएफ पर टैक्स का विरोध करेंगी मजदूर यूनियनें

By Edited By:
Updated: Sat, 05 Mar 2016 12:58 AM (IST)

-गोलबंद हुए शहर के इंटक नेता, आंदोलन को बनी पांच सदस्यी कमेटी -------------------- जमशेदपुर : मोद

News Article Hero Image

-गोलबंद हुए शहर के इंटक नेता, आंदोलन को बनी पांच सदस्यी कमेटी --------------------

जमशेदपुर : मोदी सरकार के आम बजट में ईपीएफ पर टैक्स लगाने के प्रस्ताव का इंटक विरोध करेगी। इसे लेकर शुक्रवार को टाटा वर्कर्स यूनियन के प्रेक्षागृह में शहर के इंटक नेताओं ने आपस में चर्चा की। टाटा वर्कर्स यूनियन की ओर से आयोजित इस बैठक में सभी नेताओं ने केंद्र सरकार के इस प्रस्ताव की निंदा करते हुए ईपीएफ से टैक्स हटाने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि समय रहते कर्मचारियों के हित में निर्णय नहीं लिया गया तो संपूर्ण मजदूर संगठन एक बैनर तले आंदोलन को गति देंगे। फिलहाल आगे की रणनीति व आंदोलन को तेज करने के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनाई है। बैठक में इंटक नेता आर रवि प्रसाद, राकेश्वर पांडेय, विजय खां, संजीव श्रीवास्तव, शिवेश वर्मा, त्रिदेव सिंह, नितेश राज, शिवलखन सिंह, आरके राही, अमलेश कुमार, डीके सिंह, नरेश चौधरी, पिंटु श्रीवास्तव, भगवान सिंह, प्रभात लाल, कमलेश सिंह, धर्मेन्द्र पांडेय, आरके राही आदि शामिल हुए।

---------

कमेटी में ये हैं शामिल

राकेश्वर पांडेय, आर रवि प्रसाद, बीके डिंडा, रामाश्रय प्रसाद व बिजय खां।

--------

रंग लायी यूथ इंटक की पहल

ईपीएफ पर टैक्स लगाने का विरोध सबसे पहले यूथ इंटक ने किया था। यूथ इंटक के जिलाध्यक्ष नीतेश राज के नेतृत्व में आंदोलन हुआ। उसी समय सभी इंटक नेताओं से गोलबंद होने का आह्वान किया गया था।

------

'ईपीएफ पर टैक्स लगाने का पुरजोर विरोध होगा। नौ मार्च को एक संवाददाता सम्मेलन का आयोजन होगा, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा व घोषणा की जाएगी।'

-आर रवि प्रसाद, अध्यक्ष

टाटा वर्कर्स यूनियन।

----------

'बात नहीं बनने पर पूरे देश में आंदोलन तेज किया जाएगा। दस मार्च को डीसी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। साथ ही बारी मैदान से मजदूरों की एक विशाल रैली निकालकर सरकार की नीति का विरोध किया जाएगा। मजदूरों की गाढ़ी कमाई में कर लगाना कहीं से उचित नहीं है।'

बीके डिंडा, महामंत्री

टाटा वर्कर्स यूनियन

-------