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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 28, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एक कॉल पर डॉक्टर, मोबाइल पर दवा

By Bhupendra SinghEdited By:
Updated: Mon, 28 Nov 2016 06:26 AM (IST)

स्वास्थ्य विभाग का 104 नंबर डायल करें। इस टोल फ्री नंबर पर नि:शुल्क डॉक्टरी सलाह उपलब्ध है। हॉस्पिटल के चक्कर लगाने से बच सकते हैं।

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अमित तिवारी, जमशेदपुर। छोटी-मोटी बीमारियां होने पर आप हॉस्पिटल के चक्कर लगाने से बच सकते हैं। इसका इलाज घर बैठे संभव है। बस, स्वास्थ्य विभाग का 104 नंबर डायल करें। इस टोल फ्री नंबर पर नि:शुल्क डॉक्टरी सलाह उपलब्ध है।
फोन करने पर सबसे पहले व्यक्ति की काउंसलिंग होती है। नाम, पता पूछने के बाद बीमारी की जानकारी ली जाती है। इसके बाद बीमारी के कारण, अब क्या करना चाहिए और क्या नहीं सहित अन्य बातें बताई जाती हैं। अंतिम दौर में मरीज की डॉक्टर से सीधी बातचीत कराई जाती है। वह जरूरत के मुताबिक दवाओं के नाम बताते हैं। अगर मरीज की स्थिति गंभीर होती है तो उसे तत्काल हॉस्पिटल में भर्ती होने की सलाह दी जाती है। डॉक्टर जैसे ही दवा की सलाह देंगे, उस दवा का नाम और खुराक का ब्योरा तुरंत मरीज के मोबाइल नंबर पर पहुंच जाता है। इसके बाद मरीज नजदीकी की दवा दुकान से दवा खरीद कर खा सकता है और फीडबैक भी बता सकता है।

सीधे शिकायत करने का भी मौका
झारखंड सरकार की इस पहल को लोग काफी सराह रहे है। साकची निवासी रवि कुमार ने बताया कि उसे इस सेवा की जानकारी एक एंबुलेंस के माध्यम से हुई। दरअसल, एंबुलेंस पर 104 नंबर लिखा था, लेकिन उसपर स्पष्ट नहीं था कि इसपर क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी। फोन करने पर पता चला कि मानसिक रोगी, स्त्री रोग व मेडिसीन से संबंधित मरीज इसका लाभ उठा सकते है। इसके साथ ही सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली सुविधाओं का फीडबैक भी दर्ज करा सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग शिकायत दर्ज कर जांच शुरू करता है और आरोप सही पाने जाने पर उचित कार्रवाई भी होती है।

60 फीसद मरीजों को अस्पताल आने की आवश्यकता नहीं
विशेषज्ञ चिकित्सकों का कहना है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) व उप स्वास्थ्य केंद्रों पर आनेवाले करीब 60 फीसद मरीज ऐसे होते हैं जिनका इलाज लक्षण देख किया जा सकता है। ऐसे मरीजों के लिए यह सेवा काफी लाभदायक है। उन्हें इसके प्रति जागरूक होने की जरूरत है।

यह है लाभ
- अस्पताल के चक्कर लगाने से मुक्ति। गंभीर अवस्था में ही जाना होगा अस्पताल।
- स्वास्थ्य केंद्रों तक आने-जाने में लगने वाले खर्च व समय की बचत।
- 24 घंटे सेवा उपलब्ध, इसलिए जरूरत के अनुसार कभी भी ले सकते है मदद।
- किस जिले में कहां-कहां सीएचसी, पीएचसी व उपस्वास्थ्य केंद्र है, उसका पता लगाना आसान।
- स्वास्थ्य संबंधित योजनाओं की संपूर्ण जानकारी।
- किसी तरह की गड़बड़ी मिलने पर सीधे करें शिकायत।

यह सेवा उपलब्ध
- मानसिक रोगी : तनाव हावी रहना, नींद नहीं आना, किसी चीज की लत, घबराहट सहित अन्य समस्याएं। इसके लिए मनोचिकित्सक तैनात हैं।
- स्त्री रोग : इसके लिए महिला रोग विशेषज्ञ तैनात हैं।
- मेडिसीन : छोटी-मोटी बीमारियां जैसे सर्दी-खांसी, बुखार, डायरिया, एलर्जी, निमोनिया, फूड प्वाइजनिंग, सिर दर्द, पेट दर्द सहित अन्य। इसके लिए फिजिशियन तैनात हैं।

104 नंबर काफी लाभदायक है। इसके जरिए डॉक्टरी सलाह के साथ लोग सीधे शिकायत भी कर सकते हैं। इसमें तत्काल एक्शन लिया जाता है। इसकी लोकप्रियता काफी बढ़ी है- डॉ. श्याम कुमार झा, सिविल सर्जन, पूर्वी सिंहभूम।

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