यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 26, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
झारखंड में दस नक्सलियों ने एक साथ किया सरेंडर
झारखंड में एक साथ दस नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। सरेंडर करने वाले खूंखार नक्सली नकुल यादव दस्ता के सदस्य रहे हैं।

जागरण संवाददाता, लोहरदगा। छत्तीसगढ़ में नक्सलियों ने बड़ी वारदात को भले अंजाम दिया हो, लेकिन पुलिस व सुरक्षाबलों के हौसले बुलंद हैं। झारखंड में पुलिस व सुरक्षाबलों ने जोरशोर से नक्सलियों के खिलाफ अभियान चला रखा है। यही वजह है कि लाल आतंक के खिलाफ बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। एक साथ दस नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। झारखंड में यह सबसे बड़ा आत्मसमर्पण है।
सरेंडर करने वालों में सभी खूंखार नक्सली नकुल यादव दस्ता के सदस्य रहे हैं। इसमें 2 नक्सली 2-2 लाख के इनामी और एरिया कमांडर हैं, जबकि एक सब जोनल कमांडर और तीन महिला नक्सली समेत दस्ता के कुल सात सदस्य हैं। भाकपा माओवादियों ने पुलिस उप महानिरीक्षक एवी होमकर, डीसी विनोद कुमार, एसपी कार्तिक एस, गुमला एसपी चंदन झा व एवं सीआरपीएफ कमांडेंट मनोज कुमार गुप्ता के समक्ष आत्मसमर्पण किया है।
माना जा रहा है कि नकुल यादव जैसे शीर्ष नेताओं के आत्मसमर्पण से जहां एक ओर नक्सली संगठन कमजोर हुए हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस की दबिश से जंगल में घिरे नक्सली आत्मसमर्पण करने लगे हैं। इसके अलावा संगठन में मजबूरी की वजह से लंबे समय से रह रहे जो नक्सली अब तक आत्मसमर्पण की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे, वे अब सामने आने लगे हैं। हाल ही में नक्सलियों के चंगुल से छूटकर लोहरदगा में ही छह बाल नक्सली पुलिस के पास पहुंचे थे। इससे पहले गुमला के बिशुनपुर में एक नाबालिग लड़की नक्सलियों के चंगुल से छूटकर भागने के बाद पुलिस के पास पहुंची थी।
भाकपा माओवादी संगठन के कोयल-शंख जोन में सक्रिय इन नक्सलियों की कभी क्षेत्र में हुकूमत चलती थी, जो आज सरकार की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर मुख्यधारा में लौटे। नक्सलियों के आत्मसमर्पण के बाद सरकार की पुनर्वास नीति के तहत दो नक्सलियों को दो-दो लाख रुपये तथा आठ अन्य नक्सलियों को 50-50 हजार रुपये का चेक और सरकारी लाभ दिया गया। सरेंडर करने वालों को न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा। इस दौरान पुलिस के अधिकारियों ने अन्य नक्सलियों से भी आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने की अपील की। पुलिस अफसरों ने कहा कि नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन 'नई दिशा' के तहत यह पुलिस की बड़ी सफलता है।
इन नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
दो लाख का इनामी विशाल खेरवार उर्फ रामधनी खेरवार-दो लाख का इनामी एरिया कमांडर कलेश्वर खेरवार-सब जोनल कमांडर हरेंद्र उरांव उर्फ हरि विलास -दस्ता सदस्य चंदेश्वर उर्फ चंदू उरांव, जितेंद्र गंझू उर्फ जीवन गंझू, सुखराम खेरवार, सुशांति उरांव, सीमा उरांव, सुखलाल नगेशिया और मीना उरांव।

