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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 10, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

डॉक्टरों से मारपीट की तो तीन साल की जेल, 15 दिन में पास होंगे नक्शे

By Sachin MishraEdited By:
Updated: Wed, 10 May 2017 11:04 AM (IST)

अब 60 दिन की जगह 15 दिनों में नक्शा पास करने की बाध्यता स्थानीय शहरी निकायों की होगी।

डॉक्टरों से मारपीट की तो तीन साल की जेल, 15 दिन में पास होंगे नक्शे
डॉक्टरों से मारपीट की तो तीन साल की जेल, 15 दिन में पास होंगे नक्शे

राज्य ब्यूरो, रांची। चिकित्सकों व चिकित्साकर्मियों से मारपीट करना तथा चिकित्सकीय संस्थानों की संपत्ति को नुकसान पहुंचाना अब महंगा पड़ेगा। इस तरह का कार्य संगीन अपराध माना जाएगा, जो गैर जमानतीय होगा। मारपीट करने वालों को बतौर जुर्माना 50 हजार रुपये भरना होगा। अपराध की प्रकृति के हिसाब से उन्हें तीन वर्ष की सजा तक हो सकती है।

इसी तरह आरोप सिद्ध होने पर दोषी व्यक्तियों को नुकसान हुई संपत्ति की दोगुनी राशि चुकानी होगी। इससे इतर चिकित्सकों और चिकित्सकीय संस्थानों को भी अपनी सेवा और मरीज के प्रति ईमानदार होना होगा। उसे बीमारी, चलने वाली दवाइयां, खर्च आदि की पुख्ता जानकारी मरीजों के परिजनों को देनी होगी। अगर कोई मरीज आपात स्थिति में अस्पताल पहुंचता है तो बिना कोई रोकटोक उसकी चिकित्सा तत्काल शुरू करने की बाध्यता संबंधित संस्थान और चिकित्सकों की होगी।

राज्य मंत्रिपरिषद ने मंगलवार को 'झारखंड चिकित्सा सेवा से सम्बद्ध व्यक्ति एवं चिकित्सा सेवा संस्थान (हिंसा एवं संपत्ति नुकसान) अधिनियम, 2017' अर्थात मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट को हरी झंडी दे दी है। अब इसे विधानसभा में रखा जाएगा। इसके बाद यह प्रभावी हो जाएगा। कैबिनेट ने इसी तरह एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में नेतरहाट की तर्ज पर दुमका के मसलिया, चाईबासा के नोवामुंडी तथा खूंटी के रनिया में स्कूल खोलने का फैसला लिया है।

एक्ट की अन्य बातें

मामले में कोई एक व्यक्ति या व्यक्ति समूह पर कार्रवाई हो सकती है।

- जो अस्पताल या नर्सिंग होम 'क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट' के तहत निबंधित होंगे, वही इस एक्ट के दायरे में आएंगे। क्योंकि जो अस्पताल या नर्सिग होम निबंधित नहीं होंगे, वे अवैध माने जाएंगे।

ये आएंगे सुरक्षा के दायरे में

अस्पताल, नर्सिॆग होम, डाक्टर, नर्स, पारा मेडिकल कर्मी, मेडिकल छात्र, पारा मेडिकल छात्र, नर्सिग छात्राएं।

अब 15 दिनों में पास होगा नक्शा

कैबिनेट ने इसी कड़ी में झारखंड बिल्डिंग बायलाज में संशोधन को मंजूरी दे दी है। अब 60 दिन की जगह 15 दिनों में नक्शा पास करने की बाध्यता स्थानीय शहरी निकायों की होगी। 15 फीसद की जगह 10 फीसद ही ओपेन स्पेस छोड़ना होगा। जो भवन ग्रीन बिल्डिंग के दायरे में आएंगे, उन्हें होल्डिंग टैक्स में विशेष रियायत दी जाएगी। 
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