यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 08, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नक्सलियों के खिलाफ कई राज्य मिलकर चलाएंगे संयुक्त अॉपरेशन
झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि नक्सल उन्मूलन के लिए लगातार संयुक्त अॉपरेशन चलाने की आवश्यकता है।

रांची, जेएनएन। छत्तीसगढ़ के सुकमा में 25 जवानों की शहादत के बाद सोमवार को दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह की बैठक में नक्सलियों के खिलाफ कड़े निर्णय लिए गए।
बैठक में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि झारखंड में हमारी सरकार के आने के बाद नक्सली घटनाओं में काफी कमी आई है। सरकार नक्सल प्रभावित जिलों में भी विकास कर रही है। साथ ही, सरकार ने आकर्षक आत्मसमर्पण नीति भी अपनाई है। इसके चलते अब तक कई नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं।
झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ और ओडिशा को मिलकर नक्सल उन्मूलन के लिए लगातार संयुक्त अॉपरेशन चलाने की आवश्यकता है। सरहदी इलाकों में अभियान चलाकर नक्सलियों की शरणस्थली को खत्म करना होगा। इसके लिए पड़ोसी राज्यों से बेहतर तालमेल की भी जरूरत है।
झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई है। इसके चलते कई नक्सलियों ने सरेंडर भी किया है। कई क्षेत्र नक्सल मुक्त भी हुए हैं।
कई नक्सलियों ने अपना नया संगठन बना लिया है। वह हिंसात्मक कार्य एवं लेवी वसूलने में संलिप्त हैं। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है।
इस बैठक में झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास, मुख्य सचिव राजबाला बर्मा, गृह विभाग के प्रधान सचिव एसकेजी रहाटे और एडीजी अभियान आरके मल्लिक के अलावा नक्सल प्रभावित अन्य 09 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के अलावा अधिकारियों ने चर्चा की।
सुकमा से पहले तय हुई थी बैठक:
एक अधिकारी ने बताया कि आठ मई को हो रही बैठक सुकमा की घटना से पहले तय थी। लेकिन घटना के बाद अब केंद्र का रुख नक्सलियों के खिलाफ और सख्त होता दिख रहा है। यही वजह है कि नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान, रणनीति, सफलता और नुकसान का पूरा ब्योरा तलब किया है।
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