यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 24, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बचने के लिए पुल से कूदी युवती, जख्मी हुई फिर भी नहीं बची आबरू
आबरू बचाने के लिए पुल से कूदी घायल युवती से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है।

जागरण संवाददाता, चक्रधरपुर (पश्चिमी सिंहभूम)। मनचले युवकों से बचने के लिए युवती ने पुल के नीचे छलांग लगा दी, लेकिन नदी में पानी नहीं रहने के कारण वह घायल हो गई। पीछा कर रहे मनचले वहां भी पहुंच गए और घायल अवस्था में ही युवती को मोटरसाइकिल पर बैठा कर खेत में ले गए और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इससे वह लड़की बेहोश हो गई। आरोपी युवती को वहीं छोड़कर भाग गए।
मंगलवार सुबह गांव वालों की नजर खेत में बेसुध युवती पर पड़ी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी फौरन पूर्व मुखिया पीरू हेम्ब्रोम को दी। पूर्व मुखिया ने युवती के परिचितों, गांव वालों से संपर्क किया। परिजनों के घटनास्थल पहुंचने के बाद ग्रामीणों की मदद से युवती को अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया। जहां पीडि़ता का प्राथमिक उपचार हुआ। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए पीडि़ता को चाईबासा रेफर कर दिया गया। परिजन मामले की जानकारी पुलिस को दिए बिना ही युवती को लेकर चले गए।
बताया गया है कि चक्रधरपुर के उलीडीह की युवती गर्मी छुट्टी में अपनी दीदी की ससुराल आई थी। सोमवार की रात किसी बात को लेकर घर में झगड़ा हो गया। गुस्से में युवती आपे से बाहर हो गई और 12 बजे रात को ही दीदी के ससुराल से अपने घर के लिए निकल पड़ी। इस क्रम में थाना रोड स्थित संजय नदी पुल पर कुछ मनचले बाइक से पीछा करते हुए पहुंचे और युवती को साथ चलने को कहा। धरपकड़ के दौरान युवती बदमाशों के चंगुल से बचने के लिए पुल से कूद गई। जिससे वह घायल हो गई। इसके बाद बदमाशों ने युवती को आराम से धर दबोचा।
पीड़िता ने बताया कि दीदी के घर में झगड़ा हुआ तो वह अपने गांव उलीडीह के लिए वहां से चल पड़ी। थाना रोड के पुल पर तीन-चार लड़के बाइक पर आए और साथ चलने को कहा। मना करने पर जबरन बाइक पर बिठाने की कोशिश करने लगे। उनके चंगुल से बचने के लिए पुल से नीचे कूद गई। लेकिन नदी में पानी नहीं होने के कारण घायल हो गई। इसके बाद युवक उठाकर अपने साथ ले गए। बेहोश होने के कारण पता नहीं कि क्या-क्या हुआ।

