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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 19, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मंगल पर मंगल

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Updated: Fri, 19 Sep 2014 02:44 PM (IST)

भारत ने मंगल मिशन का पहला चरण पूरा करने की तैयारी कर ली है। 24 सितंबर को सुबह साढे़ सात बजे मंगल की कक्षा में भारतीय यान स्थापित हो जाने की उम्मीद है। ...और पढ़ें

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* भारत ने मंगल मिशन का पहला चरण पूरा करने की तैयारी कर ली है। 24 सितंबर को सुबह साढे़ सात बजे मंगल की कक्षा में भारतीय यान स्थापित हो जाने की उम्मीद है।

* मंगल की कक्षा में पहुंचते समय यान और पृथ्वी के बीच दूरी लगभग 22.4 करोड़ किलोमीटर होगी।

* भारत का मंगल यान 5 नवंबर, 2013 को दोपहर 2 बजकर 13 मिनट पर आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा प्रक्षेपण केंद्र से छोड़ा गया था। मंगल यान किसी दूसरे ग्रह को भेजा गया भारत का पहला (अंतरग्रहीय) मिशन है।

* यह यान मंगल की 300 दिनों की यात्रा पर निकला है, जिसमें से 98 फीसदी यात्रा पूरी हो गई है। इसका एक अहम चरण तब शुरू होगा, जब इसमें लगे तरल ईधन वाले इंजन को फिर से प्रक्षेपित किया जाएगा।

* अगर 450 करोड़ रुपये का मंगल यान मिशन सफल रहता है, तो इसरो मंगल पर सफल मिशन भेजने वाली दुनिया की चौथी अंतरिक्ष एजेंसी होगी।

* भारतीय मंगल यान के रवाना होने के 2 हफ्ते बाद अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी 'नासा' ने भी मानव रहित अंतरिक्ष यान 'मावेन' मंगल ग्रह की ओर रवाना किया था। इसरो और नासा दोनों के मंगल यान सितंबर महीने में ही मंगल की कक्षा में पहुंचेंगे और वहां पहुंचने के बाद एक-दूसरे की मदद भी करेंगे।

* 'मावेन' (मार्स एटमॉस्फियर ऐंड वोलेटाइल एवॉल्यूशन) दरअसल मंगल ग्रह पर उपलब्ध पानी के अचानक गायब हो जाने और वहां के वातावरण के बारे में जानकारियां इकट्ठी करने गया है।

* भारत का मंगल मिशन अंतरिक्ष में फंसे दो यात्रियों पर बनी हॉलीवुड की 3डी फिल्म 'ग्रेविटी' से भी सस्ता है। इस फिल्म को बनाने में 10 करोड़ डॉलर खर्च हुए थे, जबकि मंगल मिशन पर 7.5 करोड़ डॉलर का ही खर्च आया है।

* हाल ही में नासा ने कैलिफोर्निया के तट पर एक स्पेसक्राफ्ट 'ओरियन' का टेस्ट भी किया है, जिसके जरिए अंतरिक्षयात्रियों को मंगल और दूसरे ग्रहों पर ले जाने में आसानी होगी।

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