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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 15, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

काशी से मोदी, कानपुर से जोशी, लखनऊ से लड़ेंगे राजनाथ

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Updated: Sun, 16 Mar 2014 11:09 AM (IST)

भाजपा ने तय कर लिया है कि मिशन-2014 की लड़ाई का केंद्र उत्तर प्रदेश ही होगा। भाजपा के प्रधानमंत्री उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को वाराणसी से उतारकर इसे स्पष ...और पढ़ें

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नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। भाजपा ने तय कर लिया है कि मिशन-2014 की लड़ाई का केंद्र उत्तर प्रदेश ही होगा। भाजपा के प्रधानमंत्री उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को वाराणसी से उतारकर इसे स्पष्ट भी कर दिया गया है। दिन भर चली मैराथन बैठक के बाद भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने लखनऊ से पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह और कानपुर से मुरली मनोहर जोशी को उम्मीदवार बनाया है, तो पहली बार पंजाब के अमृतसर से अरुण जेटली भी मैदान में होंगे। बिहार की पटना साहिब सीट से शत्रुघ्न सिन्हा और चंडीगढ़ से अभिनेत्री किरण खेर किस्मत आजमाएंगे। पार्टी ने यूपी, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली समेत 12 राज्यों के लिए 98 सीटों पर प्रत्याशी तय कर दिए हैं।

मिशन-272 की रणनीति के अनुरूप भाजपा ने दूसरा कदम भी बढ़ा दिया है। पार्टी को इसका अहसास है कि 120 सीट वाले उत्तर प्रदेश और बिहार में कम से कम आधी सीटें अपनी झोली में डाले बिना मंजिल हासिल करना आसान नहीं होगा। लिहाजा, रणनीति के तहत ही नरेंद्र मोदी काशी से शंखनाद करेंगे। गौरतलब है कि वाराणसी से पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार की तकरीबन तीन दर्जन सीटों पर नमो का प्रभाव दिख सकता है। भाजपा काडर की भी यही मांग थी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भाजपा कमजोर रही है। अब जब मोदी खुद इस गढ़ में मौजूद होंगे, तो कार्यकताओं में भी जोश होगा और नेताओं की गुटबाजी पर भी नियंत्रण होगा। रणनीति का दूसरा हिस्सा थोड़ा अलग है। दरअसल, पार्टी के अंदर और बाहर आलोचकों को यह जबाव दिया गया है कि मोदी सिर्फ गुजरात के नहीं बल्कि पूरे देश के नेता हैं। इसी रणनीति के तहत खुद संघ ने भी वर्तमान सांसद डॉ. मुरली मनोहर जोशी को सीट खाली करने के लिए कहा था। जोशी अब कानपुर से ताल ठोकेंगे।

सूत्रों के अनुसार, चुनाव समिति की बैठक में हर सीट पर बारीकी से चर्चा हुई और तय हुआ कि वाराणसी सीट पर कोई संशय की स्थिति नहीं रहनी चाहिए। लिहाजा, अंतिम चरण में मतदान होने के बावजूद मोदी के नाम की घोषणा कर दी गई है। लखनऊ से वर्तमान सांसद लालजी टंडन भी अपना दावा ठोक रहे थे। चुनाव समिति ने वहां से भी संशय खत्म कर दिया है। फायर ब्रांड नेता उमा भारती झांसी से भाजपा का झंडा बुलंद करेंगी, जबकि एक और आक्रामक नेता वरुण गांधी सुल्तानपुर से खम ठोकेंगे। साक्षी महाराज उन्नाव से मैदान में होंगे, जबकि मेनका गांधी पीलीभीत से किस्मत आजमाएंगी। संतोष गंगवार बरेली की जनता को रिझाने की कोशिश करेंगे।

देर रात तक चली बैठक में पंजाब के बाबत भी अहम फैसला हुआ। जेटली अमृतसर से पार्टी प्रत्याशी होंगे। दोपहर ही पार्टी कार्यालय बुलाकर केंद्रीय नेतृत्व ने मौजूदा सांसद नवजोत सिंह सिद्धू को इसकी जानकारी दे दी थी। सिद्धू ने इसे स्वीकार कर लिया है। बदले में पार्टी उन्हें दिल्ली से लड़ाना चाहती थी, लेकिन उन्होंने किसी दूसरी सीट से लड़ने से इन्कार कर दिया। अब उन्हें राज्यसभा के रास्ते संसद लाया जा सकता है। यूपी और अन्य राज्यों की बची हुई सीटों के साथ-साथ गुजरात और राजस्थान के प्रत्याशियों पर 19 मार्च को चुनाव समिति चर्चा करेगी। उम्मीद है कि मोदी गुजरात की किसी सीट से भी चुनाव मैदान में होंगे। 19 मार्च को घोषित होने वाली इस सूची में वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की सीट का भी एलान किया जाएगा। उत्तराखंड की हरिद्वार संसदीय सीट से रमेश पोखरियाल निशंक, पौड़ी गढ़वाल से बीसी खंडूड़ी और नैनीताल से भगत सिंह कोश्यारी भाजपा की चुनौती पेश करेंगे।

दिल्ली की सात सीटों के प्रत्याशी:-

संसदीय क्षेत्र उम्मीदवार

चांदनी चौक डॉ. हर्षवर्धन

दक्षिणी दिल्ली रमेश विधूड़ी

पूर्वी दिल्ली महेश गिरी

पूर्वोत्तर दिल्ली मनोज तिवारी

पश्मिोत्तर दिल्ली उदित रा़ज

नई दिल्ली मीनाक्षी लेखी

पश्चिमी दिल्ली प्रवेश वर्मा

हरियाणा के उम्मीदवार:-

सीट प्रत्याशी

कुरुक्षेत्र राजकुमार सैनी

फरीदाबाद किशनपाल गुर्जर

अंबाला रतन लाल कटारिया

गुड़गांव राव इंदरजीत

सोनीपत रमेश कौशिक

रोहतक ओमप्रकाश धनखड़

सिरसा सुनीता दुग्गल

भिवानी-महेंद्रगढ़ धर्मवीर

उत्तर प्रदेश भाजपा प्रत्याशियों की सूची:-

आगरा- रामशंकर कठेरिया

अलीगढ़- सतीश गौतम

आंवला-धर्मेद्र कश्यप

बागपत- सत्यपाल सिंह

बलिया- भरत सिंह

बांसगंाव- कमलेश पासवान

बरेली- संतोष गंगवार

बस्ती- हरीश द्विवेदी

भदोही- वीरेंद्र सिंह मस्त

बिजनौर- डॉ. राजेंद्र सिंह

बुलंदशहर- डॉ. भोला सिंह

चंदौली- महेंद्र नाथ पांडे

देवरिया- कलराज मिश्र

एटा- राजवीर सिंह

इटावा- अशोक दोहरे

फैजाबाद- लल्लू सिंह

फर्रुखाबाद- मुकेश राजपूत

फिरोजाबाद- एसपी बघेल

गौतमबुद्धनगर- महेश शर्मा

घोसी- हरी नारायण राजभर

गोरखपुर- योगी आदित्यनाथ

हरदोई- अंशुल वर्मा

जौनपुर- केपी सिंह

झांसी- उमा भारती

कैराना- हुकुम सिंह

कन्नौज- सुब्रत पाठक

कानपुर-डॉ. एमएम जोशी

कौशांबी- विनोद सोनकर

लखनऊ- राजनाथ सिंह

मैनपुरी- बीएस चौहान

मेरठ- राजेंद्र अग्रवाल

मिश्रिख- अंजू बाला

मोहनलालगंज- कौशल किशोर

मुरादाबाद- कुंवर सर्वेश सिंह

मुजफ्फरनगर- संजीव बलियान

पीलीभीत- मेनका गांधी

रामपुर- नेपाल सिंह

राब‌र्ट्सगंज- छोटे लाल

सहारनपुर- राघव लखन पाल

श्रावस्ती- ददन मिश्रा

सीतापुर- राजेश वर्मा

सुल्तानपुर- वरुण गांधी

उन्नाव-साक्षी महाराज

वाराणसी- नरेंद्र मोदी

खीरी - अजय मिश्रा टेनी

फतेहपुर - साध्वी निरंजन ज्योति

बाराबंकी - प्रियंका रावत

बहराइच - सावित्री बाई फुले

महराजगंज - पंकज चौधरी

आजमगढ़ - रमाकांत यादव

मछलीशहर - रामचरित्र निषाद

लालगंज - लीलम सोनकर

सलेमपुर - रवींद्र कुशवाहा

'मैं पार्टी का आभार व्यक्त करता हूं कि मुझे पवित्र नगरी वाराणसी से चुनाव लड़ने का मौका मिला। मेरे लिए वाराणसी से चुनाव लड़ना सम्मान की बात है।'

-नरेंद्र मोदी

हार का बहाना तलाश रही कांग्रेस: मोदी

सुबह से देर रात तक चली चुनाव समिति की मैराथन बैठक में पंजाब के बाबत भी अहम फैसला हुआ। सूत्र बताते हैं कि अमृतसर से नवजोत सिंह सिद्धू के बजाय जेटली ताल ठोकेंगे। दोपहर ही पार्टी कार्यालय बुलाकर केंद्रीय नेतृत्व ने सिद्धू को इसकी जानकारी दे दी थी। सिद्धू ने इसे स्वीकार भी कर लिया है। बदले में पार्टी उन्हें दिल्ली से लड़ाना चाहती थी, लेकिन उन्होंने इन्कार कर दिया। अब उन्हें राज्यसभा के रास्ते संसद लाया जा सकता है। पार्टी जहां पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार तक दो दर्जन से ज्यादा सीटों पर मजबूती से खम ठोकना चाहती है। वहीं, दूसरे बड़े चेहरों को भी मैदान में उतार दिया है। मसलन राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली भी पहली बार लोकसभा के लिए मैदान में होंगे। गौरतलब है कि इससे पहले भाजपा ने लगभग 200 उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। गुजरात, राजस्थान जैसे अहम राज्यों के लिए संभवत: 19 मार्च को चुनाव समिति बैठेगी।