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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 25, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

क्रिकेट मैच रद करने से दूर नहीं होगी पानी की समस्या: गडकरी

By Bhupendra SinghEdited By:
Updated: Mon, 25 Apr 2016 05:44 AM (IST)

महाराष्ट्र में जल संकट पर विपक्ष को आड़े हाथ लेते हुए भूतल परिवहन मंत्री नितीन गडकरी ने कहा है कि क्रिकेट मैच रद्द करने से पानी समस्या दूर नहीं होगी। उन्होंने कहा कि पहले सरकार सही नियोजन करती, तो संकट की स्थिति नहीं बनती।

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नागपुर। महाराष्ट्र में जल संकट पर विपक्ष को आड़े हाथ लेते हुए भूतल परिवहन मंत्री नितीन गडकरी ने कहा है कि क्रिकेट मैच रद्द करने से पानी समस्या दूर नहीं होगी। उन्होंने कहा कि पहले सरकार सही नियोजन करती, तो संकट की स्थिति नहीं बनती। पहले की सरकार ने विमान खरीदी पर 70 हजार करोड़ रुपए खर्च किए। जल समस्या के निवारण के लिए ध्यान ही नहीं दिया गया। अब राज्य में जल संकट से निबटने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। विविध परियोजनाओं की स्थिति की समीक्षा की जा रही है। नागपुर जल संकट से मुक्त हुआ है। राज्य को संकट से उबारने के लिए केंद्र व राज्य सरकार प्रयास कर रही है।


80 हजार करोड़ का प्रावधान
शनिवार को तिलक पत्रकार भवन में प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में श्री गडकरी ने विकास योजनाओं को लेकर सरकार के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं को अमल में लाने के लिए प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार के प्रयास भी किए जा रहे हैं। देश में महाराष्ट्र समेत 10 राज्य जलसंकट से गुजर रहे हैं। राज्यों में झारखंड, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडू, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, ओडीसा शामिल हैं। केंद्र सरकार ने जल संसाधन से संबंधित एकीकृत राष्ट्रीय सिंचाई परियोजनाओं के लिए 80 हजार करोड़ का प्रावधान किया है। एआईबीपी योजना के तहत महाराष्ट्र के 28 प्रकल्पों को केंद्रीय सहायता मिल रही है। इन परियोजनाओं में गोसीखुर्द परियोजना का भी समावेश है। 28 प्रकल्पाें का काम पूरा होने पर राज्य में 25 लाख हेक्टेयर जमीन सुचित होगी। केंद्रीय जलसंसाधन मंत्री उमा भारती ने राज्य के अधिकारियों के साथ हाल ही में नागपुर में सिंचाई व्यवस्था की समीक्षा की है। एक सप्ताह बाद मुंबई में समीक्षा बैठक होगी। उसमें उमा भारती के अलावा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, राज्य के जलसंसाधन मंत्री गिरीश महाजन उपस्थित रहेंगे। श्री गडकरी के अनुसार वे बैठक में उपस्थित रहकर राज्य की विविध सिंचाई परियोजनाओं को जल्द पूरा करने के लिए ठोस निर्णय लेने में सहायता करेंगे।


चार गुना हुआ सड़क कार्य
श्री गडकरी ने कहा कि पिछली सरकारों की तुलना में नई सरकार ने राज्य में डेढ़ वर्ष में चार गुना महामार्ग का विकास कार्य किया है। श्री गडकरी के अनुसार वे जब सड़क परिवहन मंत्री बने, तब तक देश में राष्ट्रीय महामार्ग का 5660 किमी का कार्य हुआ था। उनके मंत्री बनने के बाद 16000 किमी सड़क का विस्तार हुआ है। महाराष्ट्र में राष्ट्रीय राजमार्ग का 21,559 किमी विस्तार हुआ है। उनका विभाग राज्य में सड़क विकास के लिए 5 वर्ष में 3 लाख करोड़ का काम करेगा। श्री गडकरी ने कहा कि नागपुर व विदर्भ पिछड़ा होने से यहां विकास कार्यों पर ्िवशेष ध्यान दिया जा रहा है, साथ ही महाराष्ट्र के सभी क्षेत्रों के विकास के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।

ई-रिक्शा के लिए परिवहन मंत्री को पत्र
श्री गडकरी ने कहा कि प्रदूषणमुक्त परिवहन के लिए ई-रिक्शा का चलन बढ़ाना आवश्यक है। मानव को मानव द्वारा ढोने की प्रथा बंद होनी चाहिए। केंद्र सरकार ने ई-रिक्शा कानून बनाया है। राज्य में इसके चलन के लिए कानून बनाने का अधिकार राज्य सरकारों को है। महाराष्ट्र ने अब तक इस मामले में कोई निर्णय नहीं लिया है। राज्य के परिवहन मंत्री दिवाकर रावते से इस संबंध में बात हुई है। वे मुख्यमंत्री के साथ इस विषय पर चर्चा करेंगे। राज्य में ई-रिक्शा के लिए राज्य के परिवहन मंत्री काे पत्र लिखा है।