यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 06, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मुझे नहीं पता था कि इशरत आतंकी थी : शिंदे
इशरत जहां को लेकर छिड़े विवाद पर पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि इशरत जहां के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से संबं ...और पढ़ें

पुणे। इशरत जहां को लेकर छिड़े विवाद पर पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि इशरत जहां के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से संबंध थे। एनआईए की किसी भी रिपोर्ट की जानकारी उन्हें नहीं है।
- एनआईए के पूर्व अफसर लोकनाथ बेहेरा की टिप्पणी पर शिंदे ने कहा कि, "एनआईए के पूर्व अधिकारियों समेत सभी दावे निराधार हैं। इशरत को लेकर एनआईए का अपना जांच अभियान था।"
- इस बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। कोई भी मेरे पास नहीं आया। मैंने इस केस पर किसी से बात नहीं की।"
शिंदे जुलाई 2012 से मई 2014 तक यूपीए-2 सरकार में गृहमंत्री थे। उनकी यह टिप्पणी इन आरोपों की पृष्ठभूमि में आई है कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने इशरत जहां के कथित आतंकी रिश्तों पर हेडली के बयान से छेड़छाड़ करने की कोशिश की थी।
केरल कैडर के आईपीएस अफसर बेहेरा 2010 में हेडली से पूछताछ करने अमेरिका गई एनआईए टीम के सदस्य थे। उन्होंने कहा था मुझे यह तो याद नहीं कि हेडली ने इशरत पर क्या बोला था। लेकिन जब मुंबई की कोर्ट में हेडली के
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बयान के बारे में सुना तो याद आया कि 2010 में भी हेडली ने यही बातें कही थी।
इससे पहले पूर्व गृह सचिव जीके पिल्लई ने कहा था कि पूर्व गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने ही पहले एफिडेविट पर नोट लिखकर उसमें बदलाव करने का ऑर्डर दिया था।