यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 07, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
क्या संकेत लाती है शादी के दिन होने वाली बारिश, जानें कुछ अनजाने तथ्य
आइये आज हम आपको बताते हैं कि शादी के समय बारिश होने की संयोग को लेकर लोग क्या-क्या बातें करते हैं और क्या है इसके पीछे के अंजाने तथ्य। ...और पढ़ें

क्या संकेत लाती है शादी के दिन होने वाली बारिश, जानें कुछ अनजाने तथ्य
हिन्दू धर्म में शुभ कार्यो में होने वाली घटनाओं को शुभ व अशुभ फल से जोड़कर देखा जाता है। ऐसी ही घटना है शादी के समय बारिश का होना। आइये आज हम आपको बताते हैं कि शादी के समय बारिश होने की संयोग को लेकर लोग क्या-क्या बातें करते हैं और क्या है इसके पीछे के अंजाने तथ्य।
रेफे्रंस.कॉम के अनुसार शादी के दिन होने वाली बारिश को लेकर विभिन्न मान्यताएं और अंधविश्वास जुड़े हुए हैं। कोई कहता है यह गुड लक है तो कोई भगवान से यह मिन्नतें करता है कि काश मेरी शादी केदिन बारिश ना हो, क्योंकि कुछ जगहों पर यह एक बुरा प्रभाव माना जाता है।
लेकिन सामान्य नजरिये से देखें तो शादी एक ऐसा दिन है जब कोई भी वर या वधु किसी भी प्रकार की अड़चन को पसंद नहीं करते। बारिश होने से विवाह समारोह के लिये की गयी व्यवस्थाओं में विघ्न पड़ता है। विवाह में सम्मलित होने वाले मेहमानों को परेशानी होती है। लेकिन यह भी सत्य है कि बारिश एक प्राकृ तिक घटना है, तो यह किसी के वश में नहीं।

कुछ संस्कृतियों का मानना है कि वर्षा जिस प्रकार से वातावरण को स्वच्छ करने का काम करती है, उसी प्रकार से यह शादी के दिन को भी अच्छा बनाती है। बारिश आने से सभी जगह खुशहाली बंटती है इसीलिए किसी की शादी के दिन यदि वर्षा हो जाए तो यह एक शुभ प्रतीक माना जाता है।
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शादी के दिन वर्षा होने को वर-वधु के आने वाले दाम्पत्य जीवन से भी जोड़ा जाता है। यह एक खुशहाल वैवाहिक जीवन की ओर इशारा करती है। कई लोगों का दावा है कि शादी के दिन वर्षा होने से वर-वधु को जल्द से जल्द संतान का सुख प्राप्त होता है। दरअसल एक मान्यतानुसार शादी के दिन वर्षा होने जैसी स्थिति को 'प्रजनन' से जोड़ा जाता है।

जिस वर-वधु की शादी के दिन वर्षा हो जाए, इसका अर्थ है कि उन्हें संतान का सुख जल्द से जल्द प्राप्त होगा। इसके अलावा वर्षा को सकारात्मक ऊर्जा का भी प्रतीक माना जाता है। हिन्दू संस्कृति में शादी के दिन होने वाली वर्षा को 'रिश्तों की मजबूती' से भी जोड़ा जाता है। कहते हैं शादी के दिन वर्षा का पानी जब वर-वधु को एक साथ बांधने वाली 'कन्यादान की गांठ' पर पड़ता है तो वह उसे मजबूत बना देता है।

कपड़े पर पडऩे वाला पानी उस गांठ को पक्का कर देता है और यही गांठ दोनों के रिश्ते की गहरी मजबूती को दर्शाती है। इससे यह साबित होता है कि उनका आने वाला दाम्पत्य जीवन अटूट और खुशहाल रहेगा।
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