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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 05, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    शिक्षक दिवस को गूगल ने समर्पित किया अपना डूडल

    By Rahul SharmaEdited By:
    Updated: Mon, 05 Sep 2016 08:43 AM (IST)

    भारत में आज बड़े ही उत्साह से शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है, जिसको गूगल भी अपने ही अंदाज में सेलीब्रेट करता हुआ दिखाई दे रहा है। ...और पढ़ें

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    हमारे देश में गुरुजनों को देवताओं के समान समझा गया है। तभी तो संस्कृत के एक श्लोक में लिखा गया है- "गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः।" मतलब गुरु ही ब्रह्मदेव हैं, गुरु ही भगवान विष्णु हैं और गुरु ही भगवान शिव हैं।भारत में आज स्वतंत्र भारत के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति रहे डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन के अवसर पर देश के सभी शिक्षकों के सम्मान में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। डॉ राधाकृष्णन के प्रख्यात शिक्षाविद् रहे हैं और इसलिए उनके सम्मान में आजाद भारत ने शिक्षकों को सम्मान देने के लिए इस दिवस को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया था। क्योंकि राजनीति में आने से पूर्व उन्होंने अपने जीवन के महत्वपूर्ण 40 वर्ष शिक्षक के रूप में बिताए थे।

    भारत में आज बड़े ही उत्साह से शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है, जिसको गूगल भी अपने ही अंदाज में सेलीब्रेट करता हुआ दिखाई दे रहा है। गूगल ने अपने एनिमेटेड डूडल को बच्चों की पेंसिल और ब्लैक बोर्ड के अंदाज में दिखा रखा है। पूरी दुनिया में में शिक्षकों (गुरुओं) को सम्मान देने के लिए शिक्षक दिवस का आयोजन किया जाता है। कुछ देशों में शिक्षक दिवस के दिन छुट्टी रहती है जबकि कुछ देश इस दिन कार्य करते हुए मनाते हैं। भारत के भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन (5 सितंबर) भारत में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।

    सन्‌ 1962 में जब डॉ राधाकृष्णन राष्ट्रपति बने थे, तब कुछ शिष्य और प्रशंसक उनके पास गए और उन्होंने उनसे निवेदन किया कि वे उनके जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा- "मेरे जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने से निश्चय ही मैं अपने को गौरवान्वित अनुभव करूंगा।" तबसे आज तक 5 सितम्बर सारे देश में उनका जन्म दिन शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। उनकी मृत्यु 17 अप्रैल 1975 को हुई थी।

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