यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 29, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बाएं हाथ मे ही क्यों बांधी जाती है घड़ी ?
घड़ी बांधते वक्त आपके मन में ये ख्याल जरूर आया होगा कि क्यों घड़ी को हमेशा बाएं हाथ की कलाई पर ही बांधा जाता है। अगर आप भी ऐसा ही सोचते हैं तो आज हम आ ...और पढ़ें

हम सभी को घड़ी पहनने का बहुत शौक होता है और हो भी क्यों ना हमेशा से ही घड़ी बांधना स्टाइल स्टेटमेंट का हिस्सा जो रहा है। घड़ी बांधते वक्त आपके मन में ये ख्याल जरूर आया होगा कि क्यों घड़ी को हमेशा बाएं हाथ की कलाई पर ही बांधा जाता है। अगर आप भी ऐसा ही सोचते हैं तो आज हम आपको इसका जवाब जरूर देंगे।
पुराने जमाने में घड़ियां हाथों में नहीं जेब में हुआ करती थीं। आपने भी पुराने जमाने की चेन वाली घड़ियां देखी होंगी जिन्हें जेब में रखा जाता था। जेब से निकालकर समय देखा जाता था।

माना जाता है कि कुछ लोग इस चेन वाली घड़ी को हाथ में पहनने लगे और हाथ में घड़ी बांधने का चलन शुरू हुआ। बाएं हाथ में घड़ी बांधने की मुख्य वजह अधिकतर लोगों का दाएं हाथ से अधिकतर काम करने वाला होना है।
जब आपका दायां हाथ काम में व्यस्त होता है तो बाएं हाथ में इसी दौरान समय देखना बेहद आसान होता है और काम भी दाएं हाथ से चलता रहता है। तभी तो आपने देखा होगा परीक्षा देते हुए छात्र दाएं हाथ से लिखते हैं और बाएं हाथ से बार-बार समय देखते रहते हैं।
बाएं हाथ में घड़ी बांधना इतना कॉमन है कि घड़ियां भी इसी हिसाब से बनाई जाने लगीं। दाएं हाथ से अन्य काम करने के चलते आपकी घड़ी भी सुरक्षित रहती है। इसके गंदे होने, स्क्रेच लगने और काम की जगह जैसे टेबल पर टकराने की संभावना भी कम होती है।