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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 25, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    जानना नहीं चाहोगे, आखिर क्यों होता है नींद में गिरने का अहसास ?

    By Rahul SharmaEdited By:
    Updated: Mon, 25 Jul 2016 10:14 AM (IST)

    कभी-कभी तो ऐसा लगता है कि बिस्तर से नहीं, मानो किसी खाई से गिरने वाले हों। आखिर क्यों होता है ऐसा जिसके कारण आप इतना डर जाते हैं। ...और पढ़ें

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    नींद में अक्सर लोगों को गिरने का अहसास होता है। कभी-कभी तो ऐसा लगता है कि बिस्तर से नहीं, मानो किसी खाई से गिरने वाले हों। आखिर क्यों होता है ऐसा जिसके कारण आप इतना डर जाते हैं।दरअसल हम बेशक सो जाते हैं। पर हमारा मस्तिष्क कभी नहीं सोता। हालांकि रिसर्च में तो यह बातें भी सामने आई हैं कि वो सपने भी अपने हिसाब ले लेता है। नींद में गिरने का अहसास होना, चौंक कर उठ जाना अमूमन आपके पैर की मांसपेशियां के कारण होता है।पैर की मांसपेशियों में ऐंठन आ जाती है। अगली बार अगर आपके साथ ऐसा हो तो आप इसे महसूस करना। और याद रहे 70 प्रतिशत लोगों के साथ ऐसा होता है। आप कोई ख़ास नहीं हैं।

    जॉन एलिस, Northumbria University में Sleep Science के प्रोफेसर हैं। वो कहते हैं कि, "नींद में चौंक कर उठना एक तरह से सुरक्षा संबंधी इशारा है। गहरी नींद में जाने से पहले गर झटके से आंखें खुल जायें तो यह हमारे पूर्वजों का एक इशारा है, जो हमारी नींद में किसी तरह का खलल नहीं पड़ने देना चाहते”इसे रोकने के लिए नियमित व्यायाम और मानसिक दबाव कम करने की ज़रूरत है। जल्दी से ध्यान देना शुरू करें, क्योंकि यह आपको लकवाग्रस्त भी कर सकता है।

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