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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 22, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नोटबंदी से जीडीपी ग्रोथ रेट में गिरावट की आशंका, गिरकर 5.5 फीसदी तक पहुंच सकती है

By Surbhi JainEdited By:
Updated: Tue, 22 Nov 2016 11:01 AM (IST)

वित्त वर्ष 2017 में देश की जीडीपी 5.5 फीसदी तक आ सकती है

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नई दिल्ली: केंद्र सरकार की ओर से लिए गए नोटबंदी के फैसले का असर सीधे तौर पर देश की जीडीपी पर पड़ता दिख रहा है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक वित्त वर्ष 2017 में देश की जीडीपी गिरकर 5.5 फीसदी तक आ सकती है। नरेंद्र मोदी सरकार इस बात को मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में आने वाले कुछ महीनों में संभावित तेज गिरावट और उपभोक्ता मांग में होने वाली कमी से जोड़कर देख रही है।

एक अंग्रेजी अखबार बिजनेस स्टैंडर्ड में छपी एक खबर के मुताबिक सरकार ने आकलन किया है कि नोटबंदी के फैसले से सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी की ग्रोथ दर के साल 2016-17 की तीसरी तिमाही में 5.5 के स्तर पर आ सकती है। वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट 7.1 फीसदी रही थी। हालांकि मोदी सरकार में आर्थिक नीति को समझने वाले लोग इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि अगली सात से आठ तिमाहियों में नोटबंदी से फायदा मिल सकता है।

गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी ने बीते 8 नवंबर को राष्ट्र के नाम संबोधन के दौरान 500 और 1000 रुपए के नोट पर बैन लगाने की घोषणा की थी। सरकार की ओर से लिए गए इस फैसले के बाद से ही देश में लोग कैश की किल्लत से जूझ रहे हैं।