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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 15, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

वक्त से भी तेज है कुमार मंगलम की रफ्तार

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Updated: Mon, 30 Mar 2015 06:40 PM (IST)

पिता की असमय मौत के बाद लंदन बिजनेस स्कूल से एमबीए करके लौटे एक 28 साल के एक मारवाड़ी नौजवान ने जब आदित्य बिड़ला ग्रुप की कमान संभाली थी तो किसी ने नहीं ...और पढ़ें

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पिता की असमय मौत के बाद लंदन बिजनेस स्कूल से एमबीए करके लौटे एक 28 साल के एक मारवाड़ी नौजवान ने जब आदित्य बिड़ला ग्रुप की कमान संभाली थी तो किसी ने नहीं सोचा होगा कि यह लड़का 17 साल में अपनी कंपनी का टर्नओवर 20 गुणा कर देगा। लेकिन पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेट कुमार मंगलम बिड़ला को वक्त से पंजा लड़ाने में मजा आता है।

कोयला घोटाले में फंसे कुमार मंगलम बिड़ला

बेशक आज कोयला घोटाले में इस बेजोड़ कारोबारी पर आरोप लगे हैं, लेकिन उनकी दूरदर्शिता पर किसी को संदेह नहीं है। 1995 में उन्होंने जब आदित्य बिड़ला ग्रुप की कमान संभाली थी तब उनकी कंपनी का टर्नओवर सालाना 2 बिलियन डॉलर था, जो अब 40 बिलियन डॉलर को पार कर चुका है। इन सत्रह बरसों में कुमार मंगलम ने न सिर्फ अपनी कंपनी का मुनाफा बनाया, बल्कि अपने समूह का जबदरस्त विस्तार करते हुए भारत और भारत से बाहर 26 कंपनियों का टेकओवर करके अपने ग्रुप में शामिल किया।

आरबीआई बोर्ड से कुमार मंगलम का इस्तीफा

अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ को अलग रखने वाले इस शख्स ने महज 22 साल की उम्र में 18 वर्षीय नीरजा कासलीवाल से विवाह कर लिया था। बताया जाता है कि नीरजा का पूरा ध्यान अपने पति और बच्चों पर रहता है। बिजनेस में उनका कोई दखल नहीं है। कुमार और नीरजा के तीन बच्चे हैं- अनन्याश्री, आर्यमन विक्त्रम और अद्वैतेषा।

कुमार के अभी तक के सफर को देखकर उनसे यह उम्मीद करना गलत नहीं होगा कि वे अपने ग्रुप को और बुलंदियों पर पहुंचाएंगे।