सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 02, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आरबीआइ ने घटाई रेपो दर, ब्याज दरों में हो सकती है कटौती

By Edited By:
Updated: Tue, 02 Jun 2015 03:14 PM (IST)

रिजर्व बैंक ने मंगलवार को नीतिगत ब्याज दर में 0.25 फीसद की कटौती की। रेपो में इस साल यह तीसरी कटौती है जो कि बाजार एवं सरकार की उम्मीदों के अनुरूप है। उम्मीद की जा रही थी कि केंद्रीय बैंक आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए कर्ज की लागत

News Article Hero Image

मुंबई। रिजर्व बैंक ने मंगलवार को नीतिगत ब्याज दर में 0.25 फीसद की कटौती की। रेपो में इस साल यह तीसरी कटौती है जो कि बाजार एवं सरकार की उम्मीदों के अनुरूप है। उम्मीद की जा रही थी कि केंद्रीय बैंक आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए कर्ज की लागत कम करेगा।

आरबीआई ने अपनी अल्पकालिक ब्याज दर रेपो को 7.5 फीसद से घटाकर 7.25 फीसद कर दिया है पर बैंकों पर लागू आरक्षित नकदी अनुपात (सीआरआर) को चार फीसद तथा सांविधिक तरलता अनुपात (एसएलआर) को 21.5 फीसद पर अपरिवर्तित रखा गया है।

चालू वित्त वर्ष की दूसरी द्वैमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि घरेलू उत्पादन क्षमता के उपयोग का स्तर कम रहने, हालत में सुधार के मिश्रित संकेतों और निवेश तथा ऋण वृद्धि में नरमी के मद्देनजर आज नीतिगत ब्याज दर में कटौती का तर्क बनता है।

महंगाई दर बढ़ने के संकेत

रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने महंगाई दर बढ़ने के संकेत देते हुए कहा कि देश में निवेश का माहौल कमजोर है और अर्थव्यवस्था में सुधार की रफ़तार सुस्त है। उन्होंने कहा कि 2016 तक महंगाई दर 6 फीसद तक पहुंच सकती है।

पढ़ेंः आरबीआइ के कदम तय करेंगे बाजार की दिशा