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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 14, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ब्रिक्स को ब्रेक्जिट और अमेरिकी चुनाव से खतरा: उर्जित पटेल

By Surbhi JainEdited By:
Updated: Fri, 14 Oct 2016 01:30 PM (IST)

ब्रिटेन के ईयू से अलग होने, अमेरिकी चुनाव और यूरोप के नए राजनीतिक तालमेल से जुड़े वैश्विक राजनीतिक घटनाक्रम ब्रिक्स देशों की नीतियों को भी प्रभावित कर सकते हैं

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नई दिल्ली: ब्रिटेन के ईयू से अलग होने, अमेरिकी चुनाव और यूरोप के नए राजनीतिक तालमेल से जुड़े वैश्विक राजनीतिक घटनाक्रम ब्रिक्स देशों के समक्ष जोखिम पैदा करने के साथ साथ उनकी नीतियों को भी प्रभावित कर सकते हैं। यह जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक के नए गवर्नर उर्जित पटेल ने बीते गुरुवार को दी।

निवेश प्रवाह पर ब्रिक्स संगोष्ठी में उर्जित पटेल ने कहा, ‘ब्रेक्जिट, अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव और यरोप में नए राजनीतिक तालमेल जैसे वैश्विक घटनाक्रम ब्रिक्स के रडार पर है और यह आने वाले समय में हमारी नीतियों को प्रभावित करेंगे।’ ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। ब्रिक्स सम्मेलन 15 से 16 अक्टूबर को गोवा में आयोजित होना है।

ब्रिक्स समूह में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। इन देशों के लिए अन्य चुनौतियां निवेश को प्रोत्साहित करना, व्यापार माहौल में अनिश्चितताओं के बीच उसके प्रभाव का प्रबंधन और दुनिया के केंद्रीय बैंकों से नीतिगत अनिश्चितता के कारण वित्तीय बाजारों में उतार-चढ़ाव शामिल हैं।

आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा है कि ब्रिक्स देशों की वृद्धि चालू वित्त वर्ष में 5.1 फीसदी रहने का अनुमान है जो कि वैश्विक स्तर पर 3.2 फीसदी वृद्धि के अनुमान से अधिक है और यह उभरते बाजारों एवं विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में 4.2 फीसदी वृद्धि की संभावना से भी ज्यादा है।
गौरतलब है कि उर्जित पटेल ने बीते 4 सितंबर को ही रघुराम राजन की जगह ली है और उन्होंने 4 अक्टूबर अपनी पहली मौद्रिक नीति की समीक्षा भी की थी।