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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 30, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारत-अमेरिका के बीच 'LEMOA' से उड़ी चीन-पाक की नींद, जानें 10 खास बातें

By Manish NegiEdited By:
Updated: Tue, 30 Aug 2016 10:37 PM (IST)

भारत और अमेरिका के बीच LEMOA समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत दोनों देश एक दूसरे की सैन्य सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकेंगे।

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नई दिल्ली, (वेब डेस्क)। भारत और अमेरिका के बीच अहम लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (LEMOA) समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत दोनों देश एक दूसरे की सैन्य सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकेंगे।

आपको बताते हैं LEMOA समझौते की 10 खास बातें जिनके कारण पाकिस्तान और चीन की नींद उड़ी हुई है।

1. लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट यानी LEMOA समझौते से भारतीय सैन्य बलों की कार्य क्षमता बढ़ेगी, खास तौर पर मानवीय आपदा के समय या आपदा बचाव में इससे फायदा होगा।

2. इस समझौते के तहत दोनों देश एक दूसरे की सप्लाई, स्पेयर पार्ट्स, सर्विस और ईंधन का इस्तेमाल कर सकेंगे। इस समझौते के बाद अमेरिका भारतीय बेसों का इस्तेमाल कर सकेगा वहीं भारत दुनिया भर में अमेरिकी बेस का इस्तेमाल कर सकेगा।

3. दोनों देश एक दूसरे की जमीन, वायु और नवल बेस का इस्तेमाल रिपेयर और रिसप्लाई के लिए कर सकेंगे।

4. इस समझौते का दोनों देशों के सैन्य ठिकानों से कोई लेना-देना नहीं है। यह एक दूसरे के लिए रसद और मानवीय सहायता के लिए है।

5. भारत और अमेेरिका मिलिट्री सर्विस और व्यवहारिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए अधिक से अधिक और नियमित रूप से बातचीत पर सहमति हुई है। जिससे आतंकवाद का मुकाबला, समुद्री सुरक्षा, विशेष अभियान, मानवीय सहायता और आपदा में राहत मिल सके।

6. इस समझौते से कई क्षेत्रों में रक्षा संबंधों को मजबूती मिलेगी।

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7. भारतीय रक्षी मंत्री मनोहर पर्रीकर और एश्टन कार्टर ने रक्षा प्रौद्योगिकी और व्यापार सहयोग के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

8. अमेरिका रक्षा व्यापार को बढ़ावा देने और भारत के साथ तकनीक साझा करने के लिए राजी हुआ है।

9. भारत के रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर और अमेरिकी रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर ने कहा कि यह समझौता दोनों देशों को 'व्यावहारिक संपर्क और आदान-प्रदान' के बेहतर अवसर प्रदान करेगा।

10. यह साझा मूल्यों और हितों पर आधारित समझौता है।'

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