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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 30, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कम्यूलोनिंबस तूफान ने बरपाया कहर, 16 की मौत

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Published: Fri, 30 May 2014 07:23 PM (IST)Updated: Sat, 31 May 2014 07:43 AM (IST)

शुक्रवार को दोपहर में 42.8 डिग्री सेल्सियस की चिलचिलाती गर्मी से झुलसती दिल्ली शाम 4.58 बजे तूफानी धूलभरी आंधी की ...और पढ़ें

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नई दिल्ली, जागरण न्यूज नेटवर्क। शुक्रवार को दोपहर में 42.8 डिग्री सेल्सियस की चिलचिलाती गर्मी से झुलसती दिल्ली शाम 4.58 बजे तूफानी धूलभरी आंधी की चपेट में आ गई। 92 किमी प्रति घंटे की रफ्तार आई आंधी ने जो कहर बरपाया उससे पूरा जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया। इससे दिन में ही अंधेरा छा गया। लगभग डेढ़ घंटे तक राजधानी बेहाल रही। पूरी दिल्ली में बिजली गुल हो गई जिसने समस्या को और ज्यादा बढ़ा दिया। राजधानी और उसके आसपास के शहरों में नौ जानें ले लीं। दिल्ली में रेल और सड़क यातायात कुछ देर के लिए पूरी तरह ठप हो गया। करीब दर्जन भर उड़ानों का रास्ता बदल दिया गया। जगह-जगह तार टूटने से मेट्रो रेल सेवा कई घंटों तक बाधित रही।

उत्तर प्रदेश में जहां आंधी ने गर्मी से लोगों को राहत दिलाई। वहीं, करीब 70 किमी की रफ्तार से चली तेज हवाओं से तमाम होर्डिग्स उखड़ गए और कई जगह पेड़ टूटकर गिर पड़े। एटा में आंधी के दौरान ट्रैक्टर ट्रॉली पर पेड़ टूटकर गिर जाने से तीन लोगों की मौत हो गई। एक अन्य घटना में टीन टूटकर गिरने से वृद्धा की मौत हो गई। आंधी इतनी तेज थी कि 50 से ज्यादा बड़े पेड़ गिरे, जिसके नीचे दर्जनों गाड़ियां और लोग दब गए। दिल्ली में आंधी की वजह से 20 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित हुई और उनका रास्ता बदला गया। तूफान से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर खड़े तीन हवाई जहाज को भी क्षति पहुंची है।

मौसम विज्ञानियों का कहना है कि यह पाकिस्तान के ऊपर छाए पश्चिमी विक्षोभ का असर था। जलवायु में यह स्थिति अगले दो दिनों तक बने रहने की आशंका है। मौसम विज्ञानियों ने इस तूफान का नाम 'कम्यूलोनिंबस' दिया है।

इस तूफान का प्रभाव उत्तराखंड, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में देखने को मिला। उत्तराखंड में अंधड़ के कारण पेड़ों और विद्युत लाइनों को काफी नुकसान पहुंचा। उत्तरकाशी के कंवा एटहाली गांव में एक ढाबे पर पेड़ गिरने से वहां खाना खा रहे दो लोगों की मौत हो गई। इस बीच, गुप्तकाशी से देहरादून लौट रहे मुख्यमंत्री हरीश रावत के हेलीकॉप्टर को श्रीनगर के जीआइटीआइ मैदान में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी।

हरियाणा में भी शुक्रवार को दोपहर बाद आसमान में काली घटाएं छाने के साथ धूलभरी आंधी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी। कुछ स्थानों पर गरज के साथ छींटे पड़े। आंधी से सड़कों पर पेड़ गिर गए और यातायात बाधित हो गया। बहादुरगढ़ क्षेत्र में आंधी से कई मकानों की दीवारें गिर गई। इससे एक किसान की मौत हो गई, जबकि अलग-अलग घटनाओं में कई घायल हो गए। आंधी के कारण दिल्ली-अंबाला मेन लाइन पर ओएचई वायर पर पेड़ गिर गया। तार टूटने से अप लाइन की ट्रेनें चार घंटे तक प्रभावित हुई।

पंजाब के कई शहरों में छाए बादल व धूल भरी तेज हवा के साथ बूंदाबांदी हुई, जिससे तेजी से चढ़ता पारा लुढ़क गया। यहां के फरीदकोट में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कश्मीर में शुक्रवार दूसरे दिन भी उच्चपर्वतीय इलाकों में रुक-रुककर बारिश और निचले क्षेत्रों में बादल व धूप के बीच आंख-मिचौली का सिलसिला जारी रहा। श्रीनगर में अधिकतम तापमान 27.2 रिकॉर्ड किया गया। जम्मू में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 36.9 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। हिमाचल प्रदेश में मई में कम तापमान और बारिश ने बीते पांच वर्षो का रिकार्ड तोड़ दिया है। प्रदेश में बार-बार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ से बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही है। आने वाले दिनों में भी तापमान बढ़ने की कम ही संभावना है। प्रदेश में अब तक मई में 65.2 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई है जो सामान्य से 10 प्रतिशत ज्यादा है।

धमाके संग फटा हीलियम बैलून

आगरा। तेज आंधी में ताजमहल का दीदार कराने वाला हीलियम बैलून (एयर सफारी) भी धमाके के साथ क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि सैर पर न होने की वजह से कोई जनहानि नहीं हुई। शाम को हुए इस हादसे में करीब सवा तीन करोड़ का नुकसान हुआ है।

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