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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 27, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    चिकनगुनिया का असर, पैरासीटामॉल के दाम में 35 फीसद की कमी

    By Lalit RaiEdited By:
    Updated: Tue, 27 Sep 2016 02:50 PM (GMT+05:30)

    डेंगू और चिकनगुनिया के प्रकोप को देखते हुए पैरासीटामॉल की सभी दवाओं के दाम में करीब 35 फीसद की कमी की गई है। ...और पढ़ें

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    नई दिल्ली। चिकनगुनिया के बढ़ रहे मामलों को देखते हुए पैरासीटामॉल दवाओं के दाम में भारी कमी की गई है। आम लोगों तक सस्ती दरों में इन दवाओं को पहुंचाने के लिए पैरासीटामॉल की कीमत में 35 फीसद तक की कमी की गई है।एनपीपीए का कहना है कि इस संबंध में नोटिफिकेशन सितंबर के मध्य में जारी की गई थी और दवाओं के दामों में कमी तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।

    ड्रग प्राइस रेगुलेटर के मुताबिक कीमतों के नियंत्रण में पैरासीटामॉल के इंजेक्शन भी शामिल हैं। एनपीपीए के मुताबिक ये दवाएं पहले से ही कीमतों के नियंत्रण में हैं लेकिन डेंगू और चिकनगुनिया से प्रभावित लोग हाइ फीवर का सामना करते हैं। ऐसे मरीजों के लिए डॉक्टर पैरासीटामॉल के इंजेक्शन का इस्तेमाल करते हैं।

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    प्रारंभिक आंकड़ों के मुताबिक अगस्त के महीने में पैरासीटामॉल की दवाओं में करीब 47 फीसद का इजाफा हुआ है। जानकारों का कहना है कि इन दवाओं का इस्तेमाल दूसरी दवाओं के साथ होता है। एनपीपीए ने कहा कि आम लोगों तक सस्ती दर पर इन दवाओं को मुहैया कराने के लिए दाम में कटौती की गई है।

    एनपीपीए ने राज्यों के ड्रग रेगुलेटर को निर्देश दिए हैं कि वे सुनिश्चित करें कि कोई भी केमिस्ट तय कीमत से ज्यादा कीमत पर इन दवाओं को न बेच सके। अगर कोई केमिस्ट एनपीपीए के आदेश का उल्लंघन करेगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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