Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 15, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    निजी कंपनियों के सेना की वर्दी बनाने-बेचने के खिलाफ याचिका

    By Rajesh KumarEdited By:
    Updated: Fri, 15 Jul 2016 09:30 PM (IST)

    निजी कंपनियों की तरफ से बनाए जा रहे सेना के जवानों की वर्दी के खिलाफ हाईकोर्ट मे एक जनहित याचिका दाखिल की गई है। ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    जागरण संवादाता, नई दिल्ली : देश की सुरक्षा को ताक पर रखते हुए निजी कंपनियां सेना की वर्दी व अन्य पोशाक आदि बना रही हैं। यह देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। यह तर्क देते हुए हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। याची एनजीओ का आग्रह है कि बिना अनुमति के निजी लोगों द्वारा सेना की पोशाक बनाने व बेचने पर रोक लगाई जाए।

    याची का दावा है कि गत जनवरी में पठानकोट एयरफोर्स बेस में जिन आंतकियों ने हमला किया था उन्होंने भी सेना की वर्दी ऐसे ही किसी बाजार से खरीदी थी। पठानकोट रेलवे मार्केट में सेना की पोशाकें व अन्य सामान खुले आम बिकता है। लुधियाना व अमृतसर में सेना के परिधान बनाने वाली इस तरह की कई फैक्टि्रयां हैं जहां से पंजाब समेत अन्य राज्यों में इसकी सप्लाई होती है। याचिका में बताया गया है कि भारतीय सेना द्वारा विगत 8 जनवरी को जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार कोई असैनिक, निजी दुकानदार युद्ध का सामान नहीं बेच सकता।

    भारत के जवाब से बौखलाए पाक ने आतंकी बुरहान वानी को बताया शहीद