यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 12, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
एसीबी के मुद्दे को लेकर 'आप' का केंद्र पर हमला
दिल्ली में चुनाव कराने से पहले जिस तरह केंद्र सरकार ने एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) के पर कतरने का इंतजाम किया है, इसे आम आदमी पार्टी (आप) ने सोची समझी ...और पढ़ें

नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। दिल्ली में चुनाव कराने से पहले जिस तरह केंद्र सरकार ने एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) के पर कतरने का इंतजाम किया है, इसे आम आदमी पार्टी (आप) ने सोची समझी साजिश करार दिया है। एसीबी पर राज्य सरकार का नियंत्रण नहीं होने संबंधी केंद्र सरकार की मंशा पर आप ने तीखा हमला बोला है।
पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल का कहना है कि केंद्र की मोदी सरकार आप से डर गई है। यही वजह है कि दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले एसीबी के पर कतरे जा रहे हैं। इस पर सोमवार सुबह केजरीवाल ने एक के बाद चार ट्वीट कर केंद्र सरकार को निशाने पर लिया। वहीं, दोपहर बाद पार्टी नेताओं के साथ प्रेस वार्ता की। कनॉट प्लेस के हनुमान लेन स्थित पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार सरकार एंटी करप्शन ब्यूरो की शक्तियां कम कर रही है। एसीबी मुकेश अंबानी के खिलाफ जांच कर रही है। केंद्र सरकार के हालिया नोटिफिकेशन के बाद एसीबी दिल्ली पुलिस व दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के भ्रष्टाचार की जांच नहीं कर सकेगी।
दिल्ली में 49 दिन की आप सरकार के दौरान भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच एसीबी ने ही की थी। वहीं, पार्टी प्रवक्ता दिलीप पांडेय का कहना है कि केंद्र सरकार को तत्काल गृह मंत्रालय की ओर से इस संबंध में जारी नोटिफिकेशन वापस लेना चाहिए। फिलहाल एसीबी प्राकृतिक गैस से जुड़े 54 हजार करोड़ रुपये के घोटाले की जांच कर रही है। इसमें मुकेश अंबानी सहित तत्कालीन यूपीए सरकार के मंत्री भी शामिल हैं। नए नोटिफिकेशन से साफ होता है कि मोदी सरकार इस मामले का रफा-दफा करना चाहती है। इस दौरान वरिष्ठ नेता संजय सिंह, पंकज गुप्ता व कपिल मिश्र भी उपस्थित थे।

