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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 28, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पानी पर श्वेत पत्र जारी कर आप ने लगाई ‘आग’

By Jagran News NetworkEdited By:
Updated: Wed, 28 Jan 2015 11:25 AM (IST)

बिजली के बाद आम आदमी पार्टी (आप) ने मंगलवार को पानी पर श्वेत पत्र जारी किया है। पार्टी का कहना है कि बीते दस वर्षो में दिल्लीवासियों को पानी पिलाने के नाम पर 30 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हुआ है।

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नई दिल्ली। बिजली के बाद आम आदमी पार्टी (आप) ने मंगलवार को पानी पर श्वेत पत्र जारी किया है। पार्टी का कहना है कि बीते दस वर्षो में दिल्लीवासियों को पानी पिलाने के नाम पर 30 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हुआ है।

बावजूद, इसके अभी भी बड़ी आबादी टैंकर माफिया के जाल में फंसी है। आप की सरकार सभी कॉलोनियों में सीवर और पेयजल लाइन पहुंचाएगी। 700 लीटर पानी मुफ्त मिलेगा।

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जल बोर्ड के एक्ट में करेंगे संशोधन
पार्टी के नार्थ एवेन्यू कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए आशीष खेतान ने कहा कि आप की सरकार दिल्ली जल बोर्ड के एक्ट में संशोधन करके स्वच्छ पानी के अधिकार का प्रावधान करेंगी। इसके अलावा जल माफिया का राज खत्म करके दिल्ली में जल स्वराज लागू किया जाएगा।

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उन्होंने कहा कि सभी को स्वच्छ पानी पीने का अधिकार दिया जाएगा। सभी कॉलोनियों में सीवर और पेयजल की लाइन पहुंचेगी। वाटर व सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगेंगे। वहीं यमुना नदी का साफ करने के लिए विस्तृत योजना बनेगी।

पत्र में पेयजल की मौजूदा हालत
2021 तक दिल्ली की आबादी 230 लाख होगी। फिलहाल 33.41 लाख घरों में से सिर्फ 20 लाख तक पाइपलाइन है। वहीं करीब 50 लाख टैंकर, बोरवेल नदी, नहर और तालाब के साथ दूसरे जलस्रोतों पर निर्भर हैं। दिल्ली में भू-जल स्तर तेजी से गिर रहा है। भूमिगत जल की गुणवत्ता खराब है।

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दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिल्ली में भू-जल का खारापन बढ़ रहा है, जबकि कई स्थानों में पानी में क्लोराइड की मात्र मानक से अधिक है। पार्टी का मानना है कि पेयजल सप्लाई कुप्रबंधन का शिकार है। भ्रष्टाचार की वजह से जल बोर्ड को सालाना 1000 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है।

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