यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 25, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ISI और IM की मदद से पठानकोट-2 हमले की साजिश रच रहा है जैश
जैश बहावलपुर में आतंकियों को ट्रेनिंग देने के लिए कैंप चला रहा है और वो इंडियन मुजाहिद्दीन और आईएसआई के जरिए स्लीपर सैल की मदद से हमले के लिए नई जगह की तलाश कर रहा है

चंडीगढ़। पाकिस्तानी खूफिया एजेसी की मदद से आतंकी संगठन फिर एक बार भारत में पठानकोट और गुरदासपुर हमले की तर्ज पर एक और हमले की साजिश रच रहे हैं। सैना की खूफिया रिपोर्ट के मुताबिक भारत में आतंकी हमले के लिए जैश-ए-मोहम्मद के स्लीपर सैल उत्तरी भारत के कई हिस्सों की रेकी कर रहे हैं और उन्हें आईएसआई की तरफ से मदद की जा रही है।
सेना द्वारा पंजाब सरकार को ये रिपोर्ट सौंपी गई है जिसमें स्लीपर सैल से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी गई है सरकार इस रिपोर्ट को गंभीरता से ले रही है। रिपोर्ट के मुताबिक जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर अवैस मोहम्मद को मलेशिया भेजा गया है जहां उसे मलेशिया का नकली पासपोर्ट दिया जाना है जिससे वो भारत में आसानी से घुस सके और हमले को अंजाम दे सके।
रिपोर्ट के मुताबिक अवैस पाकिस्तान के ओकारा का रहने वाला है और उसे भारत पर हमले का काम सौंपा गया है। आपको बता दें कि सेना ने पठानकोट हमले की जांच के लिए भारत आए पाकिस्तानी जांच दल के भारत दौरे के करीब दो महीने बाद पंजाब सरकार को ये रिपोर्ट हैं।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबि आतंकी संगठन जैश ने भारत पर हमले के लिए पाकिस्तान अधिकृत पंजाब और खैबर पख्तूनख्वां में तीन नए दफ्तर बनाए हैं। इसके अलावा जैश आतंकियों की भर्ती भी कर रहा है और उन्हें प्रशिक्षित करने के लिए कैंप भी चला रहा है।
बताया गया है कि जैश बहावलपुर में आतंकियों को ट्रेनिंग देने के लिए कैंप चला रहा है और वो इंडियन मुजाहिद्दीन और आईएसआई के जरिए स्लीपर सैल की मदद से हमले के लिए नई जगह की तलाश कर रहा है।

