यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 29, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सुपरसोनिक आकाश मिसाइल का सफल परीक्षण
रक्षा एवं अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ) ने बुधवार को ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण केंद्र से ध्वनि से ज्यादा तीव्र गति से मार करने वाली (सुप ...और पढ़ें

बालासोर। रक्षा एवं अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ) ने बुधवार को ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण केंद्र से ध्वनि से ज्यादा तीव्र गति से मार करने वाली (सुपरसोनिक ) आकाश मिसाइल का सफल परीक्षण किया। सतह से हवा में मार करने वाली तीन मिसाइलों से निम्न ऊंचाई पर उड़ान भर रहे चालकरहित लक्ष्य विमान पर सफलता पूर्वक प्रहार किए गए।
डीआरडीओ के अधिकारी रवि गुप्ता ने बताया कि करीब पांच-पांच सेकेंड के अंतराल पर मिसाइलों के जरिये तीव्र गति से घूम रहे छोटे आरसीएस (रडार क्रॉस सेक्शन) पर प्रहार किए गए। आरसीएस से पता किया जाता है कि कोई वस्तु रडार की पकड़ में आ सकती अथवा नहीं। मिसाइलों को कई चरणों में कार्य करने वाले रडारों के जरिये निर्देशित किया गया। डीआरडीओ द्वारा विकसित इन रडारों का उत्पादन भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड करता है। रक्षा मंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार अविनाश चंदर ने सफलतापूर्वक परीक्षण के लिए डीआरडीओ, उत्पादन से जुड़ी एजेंसियों और भारतीय वायुसेना को बधाई दी है।
