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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 18, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गुजरात के मुख्यमंत्री पद से हट सकती हैं आनंदीबेन

By Rajesh KumarEdited By:
Updated: Mon, 18 Jul 2016 10:24 PM (IST)

पचहत्तर साल की आयु पार करने को लेकर गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल के भविष्य पर अटकलें लगने लगी हैं।

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अहमदाबाद, प्रेट्र : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अघोषित रूप से तय 75 साल की आयु सीमा के कारण गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल के भविष्य पर अटकलें लगने लगी हैं। आनंदीबेन 21 नवंबर को 75 साल की हो जाएंगी। इससे पहले, इस अघोषित नियम के चलते ही पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री नजमा हेपतुल्ला को इस्तीफा देना पड़ा था। आनंदीबेन मई 2014 में मुख्यमंत्री बनी थीं। उनका जन्म 1941 में हुआ था।

भाजपा के एक नेता ने कहा, 'जब आनंदीबेन यह आयुसीमा पर कर लेंगी तब क्या होगा, यह सवाल हर किसी के दिमाग में है।' एक अन्य नेता ने कहा, 'अटकलें इस मुद्दे पर हैं कि क्या उन्हें पद छोड़ने के लिए कहा जाएगा या फिर वह अपवाद होंगी और उन्हें 2017 विधानसभा चुनाव तक एक साल के लिए और पद पर बने रहने दिया जाएगा।'

कहा जाता है कि नजमा हेपतुल्ला से इस्तीफा देने को कहा गया था क्योंकि उन्होंने निर्धारित आयु सीमा पार कर ली थी। इस आयु सीमा को ध्यान में रखते हुए ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वरिष्ठ नेता बाबूलाल गौर और सरताज सिंह को राज्य मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया था। वर्ष 2014 में जब नरेंद्र मोदी सरकार सत्ता में आई थी तो अधिक आयु के कारण लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, शांता कुमार और यशवंत सिन्हा जैसे कई वरिष्ठ नेताओं को मंत्री पद नहीं दिया गया था।

उल्लेखनीय है कि आनंदीबेन गुजरात में 1998 से भाजपा सरकार में मंत्री और 2014 से मुख्यमंत्री हैं। गुजरात में मोदी युग के बाद यह पहला अवसर है जब भाजपा को अपने प्रतिद्वंद्वियों से कड़ा मुकाबला करना है।