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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 28, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लोकपाल पर अन्ना की हुंकार, करेंगे सरकार के खिलाफ आंदोलन

By manoj yadavEdited By:
Updated: Wed, 28 Jan 2015 09:46 PM (IST)

भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलाने वाले अन्ना हजारे इस बार केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ आंदोलन के मूड में दिख रहे हैं। उन्होंने बुधवार को मोदी सरकार पर विदेश में जमा कालाधन वापस लाने के मुद्दे पर नाकाम रहने का आरोप लगाया। साथ ही लोकपाल के मुद्दे पर

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रालेगण सिद्धि [महाराष्ट्र]। भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलाने वाले अन्ना हजारे इस बार केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ आंदोलन के मूड में दिख रहे हैं। उन्होंने बुधवार को मोदी सरकार पर विदेश में जमा कालाधन वापस लाने के मुद्दे पर नाकाम रहने का आरोप लगाया। साथ ही लोकपाल के मुद्दे पर फिर से आंदोलन शुरू करने का एलान किया। एक समाचार चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि इस धोखेबाजी के लिए जनता उन्हें सबक सिखाएगी।

77 वर्षीय गांधीवादी नेता ने कहा, 'लोकसभा चुनावों में मोदी ने जनता से वादा किया था कि सौ दिन के भीतर काला धन वापस लाया जाएगा। इससे देश के हर व्यक्ति के खाते में 15 लाख रुपये आएंगे, लेकिन अब तक 15 रुपये भी नहीं मिले।'

उन्होंने कहा, 'जनता अब समझ गई है कि उनके साथ क्या धोखा किया गया है। वह उन्हें (भाजपा नीत सरकार) वैसा ही सबक सिखाएगी, जैसा कांग्रेस को सिखाया था। भ्रष्टाचार के खिलाफ 2011 में हुए आंदोलन के बाद जनता जागरूक हो गई है।'

अरविंद केजरीवाल और किरण बेदी को लेकर सवाल पर उन्होंने कहा कि वह राजनीति पर बात नहीं करते हैं। बोले, 'मैं इन सब चीजों में नहीं पड़ना चाहता। मुझसे अन्य विषयों के बारे में पूछिए, देश के बारे में पूछिए। एक अरविंद और एक किरण महत्वपूर्ण नहीं है।'

बता दें कि एक समय इंडिया अंगेस्ट करप्शन के आंदोलन में अन्ना के अहम साथी रहे अरविंद और किरण आज विपक्षी पार्टियों में हैं। अरविंद आप के मुखिया हैं, तो किरण को भाजपा ने मुख्यमंत्री पद का प्रत्याशी घोषित किया है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में दोनों एक-दूसरे के खिलाफ लगातार बयानबाजी कर रहे हैं।

अन्ना ने कहा, 'पार्टी राजनीति के जरिये कुछ भी बदला नहीं जा सकता। भारतीय संविधान में भी इसका जिक्र नहीं है। संविधान कहता है कि कोई भी भारतीय चुनाव लड़ सकता है। जब 543 अच्छे लोग जीतेंगे और वे लोकसभा अध्यक्ष तथा प्रधानमंत्री चुनेंगे व देश को चलाएंगे, बदलाव आएगा।'

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