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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 12, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भूमि अधिग्रहण बिल पर 'मोदी' के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे 'अन्ना'!

By Rajesh NiranjanEdited By:
Updated: Thu, 12 Feb 2015 02:36 PM (IST)

भूमि अधिग्रहण बिल पर समाजसेवी अन्ना हजारे ने मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अन्ना 24 फरवरी को समाजसेवी मेधा पाटकर और 17 संगठनों के साथ दिल्ली में भाजपा सरकार के भूमि अधिग्रहण बिल का विरोध करेंगे।

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नई दिल्ली। भूमि अधिग्रहण बिल पर समाजसेवी अन्ना हजारे ने मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अन्ना 24 फरवरी को समाजसेवी मेधा पाटकर और 17 संगठनों के साथ दिल्ली में भाजपा सरकार के भूमि अधिग्रहण बिल का विरोध करेंगे।

इससे पहले स्वामी अग्निवेश ने कल बताया कि हम किसानों, आदिवासियों को एकत्रित कर केंद्र की सरकार के सामने उनके बुनियादी सवालों को उठाएंगे। इसकी शुरूआत हम तेलंगाना में कर चुके हैं। उन्होंने भूमि अधिग्रहण अध्यादेश को किसान विरोधी और उद्योगपति हितैषी बताते हुए कहा कि वह आदिवासियों, किसानों के साथ मिलकर पलवल से दिल्ली की ओर मार्च करेंगे क्योंकि उस समय संसद का सत्र भी चल रहा होगा। उन्होंने कहा, पलवल वही स्थान है जहां भारत लौटने पर महात्मा गांधी पहली बार गिरफ्तार हुए थे।

राजग सरकार ने 2013 में पारित भूमि अधिग्रहण कानून में परिवर्तन करते हुए एक अध्यादेश के जरिए उसे लागू किया है। अग्निवेश ने बताया कि इस मार्च में उनके साथ एकता परिषद के पी. वी. राजगोपाल, मेधा पाटकर, झारखंड-उड़ीसा के कई आदिवासी नेता व परमाणु उर्जा विरोधी तथा मद्यपान निषेध से जुड़े कई संघर्ष समूह हिस्सा लेंगे। उन्होंने इस मार्च में अन्ना हजारे के शामिल होने की भी संभावना जताई। दिल्ली विधानसभा चुनावों में 'आप' की जीत को अग्निवेश ने आम आदमी की जीत बताया।

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