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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 28, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एस्सार फोेन टैपिंग मामला: HC के एक और जज ने किया सुनवाई से इनकार

By Atul GuptaEdited By:
Updated: Tue, 28 Jun 2016 11:50 AM (IST)

जस्टिस वी कामेश्वर राव ने ये कहते हुए सुनवाई से इनकार कर दिया कि उनकी पत्नी ने इनमें से कुछ कंपनियों के शेयर और म्यूच्वल फंड खरीदर रखे हैं।

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नई दिल्ली। एस्सार फोन टैपिंग मामला कितना पेचिदा है इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दिल्ली हाईकोर्ट के एक और जज ने इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट के जज ने एस्सार फोन टैपिंग मामले में दायर की गई पीआईएल पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया जिसमें एस्सार मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन करने की मांग की गई थी।

दरअसल इस मामले में दायर की गई पीआइएल जस्टिस वी कामेश्वर राव की अदालत में लंबित थी जोकि अवकाशकालीन पीठ के प्रमुख भी हैं। मामला जैसे ही सुनवाई के लिए लाया गया वैसे ही जस्टिस वी कामेश्वर राव ने ये कहते हुए सुनवाई से इनकार कर दिया कि उनकी पत्नी ने इनमें से कुछ कंपनियों के शेयर और म्यूच्वल फंड खरीद रखे हैं इसलिए अच्छा होगा कि वो इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लें।

आपको बता दें कि 24 जून को भी एक और अवकाशकालीन पीठ के जज जस्टिस ए के पाठक ने व्यक्तिगत कारणों की वजह से इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था।

क्या है एस्सार फोन टैपिंग मामला?

एस्सार समूह पर आरोप है कि उसने साल 2001 से 2006 के बीच देश के कई वीवीआईपी हस्तियों के फोन टैप किए। इस मामले में वकील सुरेन उप्पल ने पीएमओ को शिकायत की है। शिकायत के मुताबिक़ एस्सार ने अपने कर्मचारी अलबासित खान के ज़रिए कई वीवीआईपी के फोन टैप करवाए थे। शिकायत मिलने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने गृह मंत्रालय को जांच करने के आदेश दिए हैं।

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