विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 05, 2012 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

शासन न्यायपूर्ण न हो तो विरोध करें

By Edited By:
Updated: Wed, 06 Jun 2012 12:26 AM (IST)

नागरिक सर्वोच्चता को सेना से ऊपर रखते हुए पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल वीके सिंह ने कहा कि शासन को न्यायसंगत होना चाहिए। यदि ऐसा नही है, तो विरोध करे। 31 ...और पढ़ें

News Article Hero Image

नई दिल्ली। नागरिक सर्वोच्चता को सेना से ऊपर रखते हुए पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल वीके सिंह ने कहा कि शासन को न्यायसंगत होना चाहिए। यदि ऐसा नहीं है, तो विरोध करें। 31 मई को रिटायर होने के बाद अपने पहले साक्षात्कार में जनरल सिंह ने कहा कि आदेश गलत है, तो उसे मत मानो। कहो कि आदेश गलत है। यह याद दिलाने पर कि सेना में नियम तो वरिष्ठ के आदेशों का पालन करने के लिए कहते हैं, सिंह ने कहा कि यह सिर्फ सही आदेशों के मामले में लागू है। सेना की तैयारियों में खामी को लेकर लिखी गई चिट्ठी के लीक होने की घटना को गंभीर बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे जुड़ी बातें सामने आनी चाहिए।

जनरल सिंह ने माना कि उनके कार्यकाल के अंतिम कुछ महीने काफी विवादास्पद रहे। लेकिन, ये सभी विवाद बनाए गए थे। इस संबंध में मीडिया रिपोर्टो का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि जनवरी में दिल्ली की तरफ टुकड़ी का बढ़ना हो या रक्षा तैयारियों में कमी के बारे में उनकी लिखी चिट्ठी, सभी से इस बात के संकेत मिलते हैं। उन्होंने तख्तापलट की खबर को अपने 26 महीने के कार्यकाल में सबसे विचित्र घटना करार दिया। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लिखी चिट्ठी के लीक होने पर उनका कहना था कि यह उनको बदनाम करने के साजिश थी। इस संबंध में जांच जारी है। दोषियों को सजा जरूर मिलनी चाहिए। उम्र से लेकर जिस तरह से दूसरे मसलों को उन्होंने संभाला क्या उसका खेद है? सिंह का जवाब था, 'बिल्कुल नहीं'। सिंह के मुताबिक, उन्होंने अपना काम पूरी ईमानदारी और निष्ठा से किया। उम्र विवाद को सुप्रीम कोर्ट ले जाने के फैसले का उन्होंने बचाव किया। जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने क्यों 1950 की जन्मतिथि के आधार पर कोर कमांडर का प्रमोशन स्वीकृत किया, न कि दावे के अनुसार 1951 के आधार पर, सिंह का जवाब था कि यह गलतफहमी है। सेना में प्रोन्नति का आधार जन्मतिथि नहीं, बल्कि वरिष्ठता है। यह इंडियन मिलिट्री एकेडमी में तय होता है। अन्ना या बाबा रामदेव के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान से जुड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार काफी गंभीर मुद्दा है, लेकिन अभी उन्हें कुछ समय चाहिए। फिलहाल किसी से जुड़ने की उनकी योजना नहीं है।

मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव स्कोर देखने के लिए जाएं m.jagran.com पर