यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 13, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सियाचिन में वायुसेना का 'ध्रुव' हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त
श्रीनगर [जागरण ब्यूरो]। दुनिया के सबसे ऊंचे और दुर्गम युद्ध क्षेत्र सियाचिन में सोमवार सुबह भारतीय वायुसेना का 'ध्रुव' हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हालांकि, पायलट व सह-पायलट दोनों ही सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे। रक्षा मंत्रालय ने इस हादसे की जांच का निर्देश जारी कर दिया है।

श्रीनगर [जागरण ब्यूरो]। दुनिया के सबसे ऊंचे और दुर्गम युद्ध क्षेत्र सियाचिन में सोमवार सुबह भारतीय वायुसेना का 'ध्रुव' हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हालांकि, पायलट व सह-पायलट दोनों ही सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे। रक्षा मंत्रालय ने इस हादसे की जांच का निर्देश जारी कर दिया है।
सियाचिन में बीते एक साल के दौरान यह दूसरा हेलीकॉप्टर हादसा है। 23 मई, 2012 में भी एक चीता हेलीकॉप्टर गिरा था। इस हादसे में एक मेजर की मौत हो गई थी, जबकि सह-पायलट गंभीर रूप से घायल हो गया था।
जानकारी के अनुसार, समुद्रतल से करीब 19 हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित बर्फीला रेगिस्तान कहलाने वाले सियाचिन में सुबह आठ बजे आर्मी एविऐशन स्कवाड्रन के दो पायलट एक एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर 'ध्रुव' को लेकर नियमित उड़ान पर निकले। अचानक इसमें तकनीकी खराबी आ गई। पायलट व सह-पायलट ने नियंत्रण कक्ष को सूचित किया और हेलीकॉप्टर से बाहर कूद गए, इसके बाद हवा में कलाबाजियां खाता हुआ ध्रुव जमी बर्फ में आ गिरा और पूरी तरह ध्वस्त हो गया। मौके पर पहुंचे राहतकर्मियों ने पायलट व सह-पायलट को अस्पताल पहुंचाया। एक पायलट बर्फ के टीलों के बीच गिरने से बुरी तरह जख्मी हो गया, जबकि दूसरे को मामूली चोट आई है।
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