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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 01, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सरकारी नौकरियों में मिले पिछड़े मुस्लिमों को आरक्षण: औवेसी

By Kamal VermaEdited By:
Updated: Sun, 01 Mar 2015 06:48 PM (IST)

मजलिस-ए-एत्तेहादुल मुसलमीन (एमआइएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने महाराष्ट्र में सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में पिछड़े मुस्लिमों को आरक्षण देने की मांग की है। हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने नागपुर में एक सभा को संबोधित करते हुए यह मुद्दा उठाया।

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नागपुर। मजलिस-ए-एत्तेहादुल मुसलमीन (एमआइएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने महाराष्ट्र में सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में पिछड़े मुस्लिमों को आरक्षण देने की मांग की है। हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने नागपुर में एक सभा को संबोधित करते हुए यह मुद्दा उठाया।

एमआइएम नेता ने कहा, 'प्रधानमंत्री ने संसद में अपने भाषण में अपने 'सबका साथ, सबका विकास' के विजन का उल्लेख किया। इसलिए पीएम को अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस को फोन करके कहना चाहिए कि वे पिछड़े मुस्लिमों के जीवन स्तर में सुधार के लिए उन्हें भी आरक्षण का लाभ दें। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के मुख्यालय वाले शहर नागपुर में ओवैसी की यह पहली रैली थी, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया।

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ओवैसी ने दावा किया कि महाराष्ट्र में मुस्लिमों के साथ अन्याय हो रहा है। साथ ही उन्होंने केंद्र में कांग्रेस और राज्य में कांग्रेस-राकांपा व शिवसेना-भाजपा सरकारों के पिछले 50 साल के शासन को अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के पिछड़ेपन के लिए जिम्मेदार ठहराया। सच्चर कमेटी और अन्य समितियों के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने महाराष्ट्र में पिछड़े मुस्लिमों की खराब हालात से संबंधित तथ्य पेश किए।

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